सीवान में 4 दिन के नवजात को एक्सपायरी दवा देने का आरोप, एसपी से शिकायत के बाद भी FIR नहीं

सीवान के सना चिल्ड्रेन हॉस्पिटल पर एक नवजात के इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगा है. आरोप है कि अस्पताल में बच्चे को एक्सपायरी दवा दी गई. परिजनों ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.

Sana Children Hospital: शहर के महादेवा स्थित एक मैरेज हॉल में रविवार को पीड़ित मोहम्मद मुक्कदर ने प्रेसवार्ता कर अपने चार दिन के भतीजे के इलाज में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने सराय मोड़ स्थित सना चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान गलत उपचार और कथित तौर पर एक्सपायरी दवा देने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गयी है. पीड़ित का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.

11 अगस्त की शाम अस्पताल ले गये थे नवजात को

मुक्कदर ने प्रेसवार्ता में बताया कि 11 अगस्त की शाम वह चार दिन के नवजात को इलाज के लिए सना चिल्ड्रेन हॉस्पिटल लेकर गये थे. वहां चिकित्सक डॉ. इसराइल ने बच्चे को संक्रमण होने की बात कहते हुए भर्ती कर लिया. इसके बाद बच्चे की कई तरह की जांच करायी गयी और दवाएं दी गयीं.

दवा देने के बाद बिगड़ने लगी बच्चे की हालत

पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में दवा देने के बाद नवजात की स्थिति बिगड़ने लगी. इसके बाद दवा की जांच करने पर उन्हें उसके एक्सपायरी होने की जानकारी मिली. मुक्कदर के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में चिकित्सक से शिकायत की तो कथित तौर पर इसे मेडिकल स्टोर संचालक की गलती बताया गया.

मुक्कदर ने कहा कि नवजात की हालत पहले से ही काफी नाजुक थी और इलाज के दौरान सामने आयी इस कथित लापरवाही को लेकर परिजन चिंतित हो गये.

एसपी से शिकायत, अब तक प्राथमिकी नहीं

पीड़ित ने बताया कि पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया गया है. आवेदन के माध्यम से चिकित्सकीय लापरवाही की जांच कराने और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी है. उनका कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है.

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिजनों ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.

फिलहाल मामले में अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है. पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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By पंकज कुमार

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