Siwan News: उत्तर बिहार के आय की दृष्टि से महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शामिल सीवान जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म संख्या दो एवं तीन पर लगाई गई लिफ्ट पिछले लगभग एक सप्ताह से खराब पड़ी है. लिफ्ट बंद रहने से प्रतिदिन हजारों यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, हृदय रोगियों, दिव्यांगों, महिलाओं और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बुजुर्ग और बीमार यात्रियों की बढ़ी परेशानी
लिफ्ट बंद होने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं. उन्हें मजबूरन ऊंची सीढ़ियां चढ़कर फुटओवर ब्रिज पार करना पड़ रहा है. यात्रियों का कहना है कि यदि जल्द लिफ्ट की मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है.
प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर एस्केलेटर और रैंप का भी अभाव
स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि प्लेटफॉर्म संख्या दो एवं तीन पर अब तक एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है. वहीं व्हीलचेयर उपयोग करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप भी नहीं है. ऐसे में दिव्यांग, बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को दूसरों के सहारे प्लेटफॉर्म तक पहुंचना पड़ रहा है.
हृदय रोगी चिकित्सक ने भी जताई चिंता
शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कालिका कुमार सिंह ने बताया कि वह स्वयं हृदय रोगी हैं. लिफ्ट बंद रहने के कारण उन्हें हर बार सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में काफी परेशानी होती है. उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्रियों की सुविधा को देखते हुए लिफ्ट की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की.
यात्रियों ने रखी तीन प्रमुख मांगें
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि.
- प्लेटफॉर्म संख्या दो एवं तीन की खराब लिफ्ट को तत्काल चालू कराया जाए.
- दोनों प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
- दिव्यांग और व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए रैंप का निर्माण कराया जाए.
यात्रियों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं का दावा करने वाला सीवान जंक्शन तब तक पूरी तरह यात्री-अनुकूल नहीं कहा जा सकता, जब तक यहां की मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं कराई जातीं.
क्या कहते हैं स्टेशन अधीक्षक
सीवान जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि कुछ दिनों से लिफ्ट खराब होने की जानकारी है. संबंधित विभाग को लिफ्ट की मरम्मत के लिए निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह वरीय अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाता है और उनके समाधान का प्रयास किया जाता है.
