सीवान में गांव-गांव पहुंचेगा एनीमिया और गंभीर बीमारियों से बचाव का संदेश, हसनपुरा में आशा कार्यकर्ताओं को मिला खास प्रशिक्षण

हसनपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा फैसिलिटेटर और आशा कार्यकर्ताओं को गैर संचारी रोग (NCD) और एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में इन गंभीर बीमारियों के लक्षणों, बचाव और समय पर पहचान के बारे में जागरूकता फैलाना है.

Anemia Free India: हसनपुरा प्रखंड के गुरुजवा जलालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मंगलवार को आशा फैसिलिटेटर और आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गैर संचारी रोग (एनसीडी) तथा एनीमिया मुक्त भारत अभियान से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाना था.

कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रिया दास के नेतृत्व में आयोजित हुआ. इस दौरान बीसीएम सुनीता कुमारी भी मौजूद रहीं. पटना से पहुंचे एनीमिया मुक्त भारत अभियान के प्रशिक्षक राजीव गुप्ता ने आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों को एनसीडी तथा एनीमिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी.

समय पर स्क्रीनिंग से गंभीर बीमारियों की हो सकती है पहचान

प्रशिक्षक राजीव गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है. आशा कार्यकर्ताओं को उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य गैर संचारी रोगों के संभावित लक्षणों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए लोगों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गयी.

उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे ग्रामीण परिवारों के संपर्क में रहती हैं.

एनीमिया के कारण और बचाव के तरीके बताये

प्रशिक्षण के दौरान एनीमिया की पहचान, इसके प्रमुख कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. आशा कार्यकर्ताओं को आयरन-फोलिक एसिड की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया.

गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया. प्रशिक्षक ने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों को एनीमिया के लक्षणों तथा इससे बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करें.

संतुलित आहार और नियमित जांच के लिए करें जागरूक

प्रशिक्षण में ग्रामीणों को संतुलित और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही गयी. साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया.

आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर एनसीडी और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान में मदद की जा सकती है.

गांवों में जागरूकता बढ़ाने में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें एनसीडी और एनीमिया से जुड़े जरूरी संदेशों को ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के तरीके बताये गये.

प्रशिक्षण के बाद आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को बीमारी की पहचान, बचाव, पोषण और नियमित जांच के प्रति जागरूक करेंगी.

ये रहीं मौजूद

प्रशिक्षण कार्यक्रम में माया शर्मा, लाडली बेगम, धर्मशीला देवी, दुर्गावती देवी, सरिता कुमारी, पूजा देवी, रेणु देवी, यशोदा कुमारी, बसंती देवी, रेखा कुमारी समेत अन्य आशा फैसिलिटेटर और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं.

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By उमाशंकर राम

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