Siwan Double Murder: (सीवान से अरविंद कुमार सिंह और नौतन से शिवनाथ पांडेय की रिपोर्ट)
जिले के नौतन थाना क्षेत्र के हसुआ पंचायत स्थित बरोहा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई खूनी झड़प के बाद अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. शुक्रवार को भाकपा माले की जांच टीम ने दोनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना को बेहद दुखद बताया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.
जमीन के टुकड़े ने ली दो जान
बरोहा गांव में पुराने जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में शंकर भगत (60 वर्ष) और बंका सिंह कुशवाहा (62 वर्ष) की मौत हो गई थी. वहीं मैनेजर भगत गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. मामले को सुलझाने के लिए कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका. गुरुवार शाम बाबा मोड़ के पास विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया.
FIR नहीं, फिर भी पुलिस ने की गिरफ्तारी
घटना के बाद अब तक किसी भी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है. इसके बावजूद पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. भाकपा माले की जांच टीम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद कहा कि पार्टी इस कठिन समय में दोनों परिवारों के साथ खड़ी है. नेताओं ने घटना के लिए प्रशासनिक विफलता और मौजूदा व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया.
कानून व्यवस्था पर माले का हमला
जांच टीम ने कहा कि पूरे देश में अराजकता की स्थिति है और कानून-व्यवस्था कमजोर हो चुकी है. नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद जैसे मामलों में प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. भाकपा माले ने राज्य सरकार से दोनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही घायल व्यक्ति के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की भी मांग उठाई गई है. जांच टीम में भाकपा माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया, राज्य कमिटी सदस्य एवं पूर्व विधायक अमरनाथ यादव, विकास यादव, सुरेंद्र प्रसाद, शिवजी सहनी, अनीश कुशवाहा, शौकत अली और सरपंच अच्छेलाल कुशवाहा समेत कई नेता शामिल रहे.
पंचायत की बात ठुकराना पड़ा भारी
ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. गांव के पंचों ने कई बार पंचायत कर समझौते की कोशिश की थी, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया. बताया जा रहा है कि गुरुवार को भी घर पर बैठकर समझौते की बातचीत हो रही थी, तभी विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष नारायणपुर बाबा मोड़ के पास विवादित जमीन पर पहुंच गए. देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया.
एक का हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद देर रात शंकर सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं समाचार लिखे जाने तक बांका सिंह का दाह संस्कार नहीं हो सका था. बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष के कई लोग घटना के बाद से फरार हैं. नौतन थाना पुलिस ने मामले में हिरा सिंह और सेठ सिंह को हिरासत में लिया है. पुलिस गांव में लगातार कैंप कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. थाना प्रभारी जित मोहन कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से अब तक कोई आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है.
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