Siwan News: सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से जुड़े एक वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. वीडियो में दावा किया गया है कि सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक निजी अस्पताल का कर्मचारी घायल मरीज को टांका लगा रहा है. मामले को गंभीर मानते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने छह स्वास्थ्यकर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध वरीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी.
सड़क हादसे के बाद का बताया जा रहा है वीडियो
जानकारी के अनुसार 13 जुलाई को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छाप-अमलोरी सरसर मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
वीडियो में दावा किया गया कि सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी के बीच एक निजी अस्पताल का कर्मचारी घायल मरीज का टांका लगा रहा है. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बाद में मरीज को निजी अस्पताल ले जाया गया. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है.
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
छह स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा गया जवाब
मामले में अस्पताल अधीक्षक ने विशेष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार रंजन, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संतोष कुमार वर्मा, स्टाफ नर्स निहारिका कुमारी एवं सारिका, तथा परिचारी हरेन्द्र पाण्डेय और राम नरेश सिंह से नोडल पदाधिकारी की टिप्पणी सहित 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अब सभी की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं कि इसमें क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है.
