टैबलेट से ऑनलाइन अटेंडेंस चिंताजनक

शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है. अब सभी स्कूलोंं में टैबलेट के माध्यम से फेशियल रिकग्निशन प्रणाली से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है.

प्रतिनिधि, सीवान. शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है. अब सभी स्कूलोंं में टैबलेट के माध्यम से फेशियल रिकग्निशन प्रणाली से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के पंजीकरण और उपस्थिति की वर्तमान स्थिति संतोषजनक नहीं है, जिसे हर हाल में सुधारा जाएगा. इधर विभाग ने जो आंकड़ा जारी किया है उसके अनुसार, जिले में शिक्षकों का पंजीकरण 82.36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि विद्यार्थियों का पंजीकरण मात्र 38.63 प्रतिशत है. इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि पंजीकृत छात्रों में से 5 प्रतिशत से भी कम अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं. जिले की तस्वीर चिंताजनक- जिले के समग्र आंकड़े भी चिंताजनक तस्वीर पेश करते है. सीवान में कुल 4,20,605 विद्यार्थियों में से केवल 1,63,127 का ही पंजीकरण हो सका है, जबकि प्रतिदिन मात्र 722 छात्र ही टैबलेट के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे है. वहीं प्रखंड वार स्थिति पर नजर डालें तो बड़हरिया प्रखंड में 36,761 विद्यार्थियों में से 14,038 का पंजीकरण हुआ है. हुसैनगंज प्रखंड शिक्षकों की उपस्थिति के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है, जहां 106 शिक्षक नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं. समग्र रूप से जिले में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, जिसे सुधारने के लिए विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. प्रधानाध्यापकों पर बढ़ी जिम्मेदारी विभाग ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी है. उन्हें एक सप्ताह के भीतर हर हाल में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा. साथ ही, प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराने की निगरानी भी करनी होगी. जिन विद्यालयों में तकनीकी समस्याएं हैं, वहां संकुल स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. लापरवाही पर कार्रवाई तय- जिला कार्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को कर्तव्यहीनता माना जाएगा और संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. प्रखंड स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजेंगी. तकनीकी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. डीपीओ का सख्त संदेश- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा जय कुमार ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों को ध्यान देना होगा कि अब उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है. शिक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर लागू की जा रही है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

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By Deepak mishra

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