थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों की अबतक जांच नहीं

दरौली थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव में विजय गोंड की पुत्री रीमा कुमारी को छत से फेकने के मामले में एसपी के तीन सदस्यीय टीम अब तक अपने थानाध्यक्ष पर लगे आरोप की जांच नही कर सकी हैं.

प्रतिनिधि, सीवान.दरौली थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव में विजय गोंड की पुत्री रीमा कुमारी को छत से फेकने के मामले में एसपी के तीन सदस्यीय टीम अब तक अपने थानाध्यक्ष पर लगे आरोप की जांच नही कर सकी हैं. घायल रीमा के मुताबिक बीते दो अप्रैल को उसके पिता दुकान से खाना खाने के लिए घर पर आए हुए थे. जहां वे घर के सामने बाइक लगा दिए तब तक पड़ोस की एक महिला द्वारा बोला गया कि इस स्थान से बाइक हटा दो, जिसके बाद रीमा ने विरोध किया और कहा कि यह जमीन मेरा है . जहां विवाद बढ़ गया और मामला थाना तक जा पहुंचा. पड़ोसी महिला ने स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी थी. 10 अप्रैल की संध्या तकरीबन 7:10 बजे दरौली थाना की टीम रीमा के घर पहुंची. जहां गैस नहीं होने के कारण रीमा अपनी मकान के ऊपरी मंजिल के छत पर खाना बना रही थी .तब तक पुलिस ऊपर तक पहुंची और पूछा कि तुम्हारे घर के और सदस्य कहां हैं. रीमा ने परिजनों को बथान में होने की बात कही थी. जिस पर साथ में मौजूद एक के महिला पुलिसकर्मी गाली गलौज करने लगी और बोली कि तुम बहुत बोल रही हो .यही मारपीट का ठीक कर देंगे. इसके बाद साथ में मौजूद दारोगा ने गाली गलौज करते हुए मारपीट की जिसका रीमा ने विरोध किया. जिस पर वह आग बबूला होंकर छत से नीचे फेंक दिया था .जहां उसका दोनों पैर और हाथ टूट गया था .जोर की आवाज होने के बाद जब आसपास के लोग पहुंचे तब तक पुलिस कर्मी अपनी वाहन लेकर फरार हो गए थे. जहां रीमा ने दरौली थानाध्यक्ष पर छत से फेकने का आरोप लगाया हैं. इस घटना के बाद एसपी ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर मामले की जांच करने का निर्देश दिया था.लेकिन अबतक कुछ नहीं हुआ है. जांच के लिए सीडीपीओ के नेतृत्व में टीम का हुआ हैं गठन इधर थानाध्यक्ष पर लगे आरोप की जांच के लिए मैरवा सदर टू एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है. जहां टीम में रत्नेश वर्मा और डोली कुमारी शामिल है. जहां टीम द्वारा जांच की जा रही है और मामला सही पाते ही आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी. आरोप के बाद एसपी ने अविनाश झा को किया था लाइन हाजिर बताया जाता है कि जैसे ही थानाध्यक्ष अविनाश कुमार झा पर पीड़िता द्वारा आरोप लगाया गया कि उनकी टीम मेरे घर छापेमारी करने पहुंची. जहां मुझसे कहां सुनी हो गई जिस पर आक्रोशित होकर उन लोगों ने मुझे छत से नीचे फेंक दिया है. इधर इस आरोप के बाद एसपी ने अविनाश कुमार झा को लाइन हाजिर कर दिया था ताकि सही जांच किया जा सके. बोली एसडीपीओ इस मामले में जब एसडीपीओ टू मैरवा गौरी कुमारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह मेरा विभागीय मामला हैं .मैं इसे नही बता सकती.

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By DEEPAK MISHRA

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