sugar price hike: चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम लोगों के रसोई बजट को बिगाड़ दिया है. नौतन बाजार में कुछ दिनों पहले तक 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब 68 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है. अचानक करीब 20 से 25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
चाय और मिठाई की लागत पर भी पड़ेगा असर
चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर चाय, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों पर पड़ने लगा है. दुकानदारों का कहना है कि चीनी महंगी होने से चाय और मिठाई तैयार करने की लागत बढ़ रही है. इसका असर आने वाले दिनों में इनके दामों पर भी दिखाई दे सकता है. बिहार के अन्य बाजारों में भी चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की खबरें सामने आ रही हैं.
पूजा-पाठ और शादी-विवाह में भी बढ़ा खर्च
स्थानीय लोगों का कहना है कि चीनी का इस्तेमाल केवल चाय और खाने-पीने तक सीमित नहीं है. पूजा-पाठ, शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी इसकी बड़ी जरूरत होती है. ऐसे में अचानक कीमत बढ़ने से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए खर्च संभालना मुश्किल हो गया है.
गरीब और निम्न आय वर्ग पर सबसे ज्यादा असर
लोगों का कहना है कि महंगाई का असर सबसे अधिक गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है. संपन्न लोगों के लिए कुछ रुपये की अतिरिक्त कीमत भले ही बड़ी समस्या न हो, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सीमित आमदनी पर निर्भर परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ता है.
कीमतों की जांच और जमाखोरी पर रोक की मांग
स्थानीय उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार में चीनी की कीमतों की जांच कराने और जमाखोरी या कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में प्रशासनिक निगरानी का प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है. उपभोक्ताओं ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर प्रभावी निगरानी की मांग की है.
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