Siwan engineering college: राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, सीवान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा साइंस के क्षेत्र में एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ. “पायथन के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा साइंस पर व्यावहारिक प्रशिक्षण” विषय पर आयोजित यह कार्यशाला 17 से 22 अगस्त तक हाइब्रिड मोड में चलेगी. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को एआई, डेटा साइंस, पायथन प्रोग्रामिंग तथा आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में व्यावहारिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है.
एआई, डेटा साइंस और क्वांटम कंप्यूटिंग पर हुई चर्चा
कार्यशाला के प्रथम दिन उद्घाटन समारोह के बाद “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस एवं क्वांटम कंप्यूटिंग : उभरती शोध दिशाएं” विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया. इस सत्र में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार मिश्रा और असिस्टेंट प्रोफेसर मिस नूरजहां ने प्रतिभागियों को एआई, डेटा साइंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के उभरते शोध क्षेत्रों की जानकारी दी. विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं और बदलती तकनीकी जरूरतों पर भी चर्चा की.
पायथन और मशीन लर्निंग का मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यशाला के आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को पायथन प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग और एल्गोरिदम की जानकारी दी जायेगी. इसके अलावा डेटा विजुअलाइजेशन, मॉडल के प्रदर्शन का मूल्यांकन, डेटा हैंडलिंग एवं क्लीनिंग, प्रीप्रोसेसिंग और एक्सप्लोरेटरी डेटा एनालिसिस (ईडीए) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे.
प्रशिक्षण के दौरान क्लाउड तकनीक और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रोजेक्ट निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा. इससे प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ तकनीकी कौशल को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा.
केस स्टडी और प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण पर जोर
कार्यशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रतिभागियों को केस स्टडी, प्रायोगिक सत्र और परियोजना आधारित गतिविधियों के माध्यम से वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा. इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या-समाधान, विश्लेषणात्मक सोच और रोजगारपरक दक्षता विकसित करने में मदद मिलेगी.
उद्योग और शोध की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे विद्यार्थी
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सूर्य कान्त सिंह, आयोजन समिति और संबंधित विभागों के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस वर्तमान तकनीकी एवं औद्योगिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्से बन चुके हैं. ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योग, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
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