Bihar News: मोतिहारी में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान STF के जवान श्रीराम यादव (31) शहीद हो गए. उनका पार्थिव शरीर जब सीवान के पुरैना गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया. परिवार और गांव वालों की आंखें नम हो गईं. चार साल के बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी है.
पत्नी हुई बेसुध, मां ने रोते-रोते किया सैल्यूट
फूलों से सजी गाड़ी में जवान का पार्थिव शरीर घर लाया गया. जैसे ही पत्नी ने देखा, वह बेसुध होकर गिर पड़ी. घर के बाहर भारी भीड़ जुट गई. गांव के लोग तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे. पुलिस अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. मां और पत्नी ने नम आंखों से सैल्यूट किया. माहौल बेहद भावुक था. हर आंख नम थी.
4 साल का बेटा करता रहा इंतजार
इस दौरान जवान का 4 साल का बेटा पिता को देखने की जिद करता रहा. परिजन उसे समझाते रहे, लेकिन वह रोता रहा. 6 साल की बेटी भी पिता के इंतजार में थी.
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम यात्रा से पहले पत्नी पार्थिव शरीर से लिपट गई. लोगों की आंखें नम हो गईं. सारण रेंज के DIG निलेश कुमार और SP पूरन कुमार झा ने शव को कंधा दिया. गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई.
7 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चे हैं
श्रीराम यादव की शादी 7 साल पहले हुई थी. परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. अब पूरा परिवार सदमे में है.
रेड पर गए थे, मुठभेड़ में शहीद हुए
सोमवार रात करीब 10 बजे वह घर से निकले थे. पत्नी से कहा था कि रेड पर जा रहे हैं. रात करीब 2:30 बजे मुठभेड़ में वह शहीद हो गए. इस एनकाउंटर में दो बदमाश भी मारे गए.
पत्नी बोली- ‘कहा था, सो जाओ हम आ जाएंगे’
मीडिया से बातचीत में पत्नी सिन्धू देवी ने बताया कि रात 10:30 बजे पुलिस टीम आई थी. उन्हें छापेमारी के लिए बुलाया गया. जाने से पहले उन्होंने कहा था- ‘तुम सो जाओ, हम आते हैं.’ रात 3 बजे फोन आया. बताया गया कि उन्हें चोट लगी है. अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं.
शहीद जवान की शहादत से पूरा गांव गम में डूबा है. हर कोई नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है.
