Siwan News : मुख्यमंत्री सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शनिवार को प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान छात्र-छात्राओं को वज्रपात (ठनका) जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण के अंतर्गत मॉक ड्रिल का भी अभ्यास कराया गया.
ठनका से बचाव के उपायों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि वज्रपात से हर वर्ष जान-माल की क्षति होती है. इससे बचने के लिए पक्के भवन में शरण लेने, पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने तथा खुले मैदान से तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई. इसके अलावा बिजली चमकने के दौरान टीवी, कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरणों के प्लग निकाल देने की भी जानकारी दी गई.
आपात स्थिति में क्या करें, इसका कराया गया अभ्यास
छात्र-छात्राओं को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो उसे जमीन पर लेटने के बजाय दोनों पैरों को सटाकर, कान बंद कर और सिर को घुटनों के बीच झुकाकर उकड़ू बैठना चाहिए. इस दौरान मॉक ड्रिल के माध्यम से इन सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि आपदा की स्थिति में छात्र सही तरीके से अपनी सुरक्षा कर सकें.
जलस्रोतों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह
प्रशिक्षण में छात्रों को तालाब, नदी, पोखर और गीली जमीन से दूर रहने की सलाह दी गई. साथ ही समूह में रहने की स्थिति में एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया, ताकि वज्रपात की स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके.
शिक्षक और छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित
कार्यक्रम में फोकल शिक्षक कृष्णानंद त्रिपाठी, मनीष द्विवेदी, संतोष साहनी, विजय कुमार, सुनील कुमार, बृज कुमार साह, वीरेंद्र यादव, मनोज कुमार सहित सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. सभी ने प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक रहने और सुरक्षा उपायों का पालन करने का संकल्प लिया.
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