सीवान: मंडल कारा में शुक्रवार को बंदियों की सुविधा और उनके पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने मंडल कारा के मुलाकाती क्षेत्र में विधिक सहायता केंद्र (लीगल एड हेल्प डेस्क) और कारा परिसर में बंदियों के लिए बनाए गए पुस्तकालय कक्ष का उद्घाटन किया.
उद्घाटन के बाद जिला जज ने पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
पुस्तकालय में उपलब्ध कराई गईं एक हजार पुस्तकें
अधिकारियों ने बताया कि बंदियों के ज्ञानवर्धन और खाली समय के बेहतर उपयोग के लिए पुस्तकालय में करीब एक हजार पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं.
पुस्तकालय कक्ष में एक साथ 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे बंदी शांतिपूर्ण वातावरण में अध्ययन कर सकेंगे.
पांच कंप्यूटर से मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
पुस्तकालय में पांच कंप्यूटर सेट भी लगाए गए हैं. इन कंप्यूटरों के माध्यम से बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार, इससे बंदियों की तकनीकी जानकारी बढ़ेगी और जेल से बाहर आने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
कानूनी सहायता मिलने में होगी आसानी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विधिक सहायता केंद्र के माध्यम से बंदियों को कानूनी जानकारी और आवश्यक सहायता आसानी से उपलब्ध हो सकेगी.
वहीं पुस्तकालय और कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं बंदियों के ज्ञान, कौशल विकास और सकारात्मक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
कई न्यायिक और कारा अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुशील कुमार त्रिपाठी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम उमाशंकर सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार पांडेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार सिंह, मुख्य एलएडीसी बलवंत कुमार, काराधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक दिनेश कुमार ठाकुर सहित न्यायिक पदाधिकारी और मंडल कारा के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे.
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