Sangeeta Yadav Expulsion: जिला परिषद अध्यक्ष और जदयू की प्रदेश सचिव संगीता यादव को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है. जदयू की ओर से जारी पत्र में उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटाने की बात कही गयी है. प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी शंभु कुशवाहा ने पत्र जारी किया है. पत्र में संगीता यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.
जयराम यादव को राजद ने बनाया है उम्मीदवार
संगीता यादव के पति और शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव को राजद ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. उम्मीदवार घोषित होने के बाद जयराम यादव के सीवान स्थित आवास पहुंचने पर उनकी पत्नी संगीता यादव ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया था. इसके बाद जदयू की ओर से यह कार्रवाई की गयी.
पत्र में कार्रवाई की वजह पार्टी विरोधी गतिविधि
जदयू की ओर से जारी पत्र में संगीता यादव को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करने की बात कही गयी है. पत्र में कार्रवाई की वजह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होना बताया गया है. हालांकि पत्र में उनके पति के राजद उम्मीदवार बनने या उनके स्वागत करने को कार्रवाई की वजह के रूप में सीधे तौर पर नहीं बताया गया है.
लंबे समय से जदयू से जुड़ी हैं संगीता यादव
संगीता यादव लंबे समय से जदयू से जुड़ी रही हैं. पार्टी में उन्हें प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी भी मिली थी. वहीं, वह वर्तमान में सीवान जिला परिषद की अध्यक्ष हैं. उनके पति प्रो. जयराम यादव को राजद द्वारा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से यह मामला राजनीतिक चर्चा में है.
जिले की राजनीति में चर्चा तेज
जदयू की कार्रवाई के बाद जिला स्तर पर भी इसकी चर्चा तेज हो गयी है. एक तरफ प्रो. जयराम यादव शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव की तैयारी में जुटे हैं, वहीं उनकी पत्नी संगीता यादव को जदयू ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. अब इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में इसके असर को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है.
