प्रतिनिधि,सीवान.जिले के नगर निकायों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है. प्रशासनिक भवन निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने और नगर निकायों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत सभी नगर पंचायतों को तय समय सीमा के भीतर जरूरी कार्य पूरे करने को कहा गया है ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें. प्रशासनिक भवन निर्माण के मामले में बताया गया कि महाराजगंज और मैरवा नगर पंचायत में प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अन्य नगर पंचायतों को भी जल्द से जल्द प्रशासनिक भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है. नगर पंचायत आंदर और हसनपुरा में प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए चिन्हित भूमि का एनओसी उपलब्ध कराने के लिए जिला राजस्व शाखा को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.वहीं नगर पंचायत गुठनी में सम्राट अशोक भवन के निर्माण के लिए जमीन खरीदने तथा प्रस्ताव अंचलाधिकारी के माध्यम से भेजने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है.बड़हरिया और गोपालपुर नगर पंचायत को पहले से स्वीकृत पंचायत सरकार भवन को ही नगर पंचायत का प्रशासनिक भवन बनाते हुए उसका निर्माण या आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है.इसको लेकर डीएम विवेक रंजन मैत्रेय नगर निकायों को आवश्यक निर्देश दे चुके है. स्ट्रीट लाइट और हाइमास्ट लाइटों की मरम्मत कराने पर भी जोर नगर क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाने को कहा गया है.सभी नगर निकायों को जलापूर्ति योजना को पूरी तरह लागू करने के लिए अभिरुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी कर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार 45 दिनों के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.इसके साथ ही मोटर बदलने, पाइपलाइन की मरम्मत या बदलाव जैसे कार्यों के लिए समय पर प्राक्कलन तैयार करने को भी कहा गया है ताकि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए.नगर पंचायत गुठनी में पीएचइडी द्वारा जलापूर्ति योजना का हस्तांतरण लंबित रहने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग को तीन दिनों के भीतर योजना हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र जारी करने को कहा गया है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि योजना हस्तांतरण के बाद अनुरक्षकों का मानदेय समय पर भुगतान हो. नगर क्षेत्रों में रात के समय बेहतर रोशनी व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट और हाइमास्ट लाइटों की मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया है. कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की सूचना मिलने के बाद नगर पंचायतों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राक्कलन तैयार कर निविदा के माध्यम से 45 दिनों के भीतर मरम्मत और सुधार कार्य पूरा करने को कहा गया है. इसके अलावा पहले से लगाए गए हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू करने का भी निर्देश दिया गया है. सभी जरूरी सूचनाओं को संबंधित नगर निकायों की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए नगर निकायों के कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बिहार नगरपालिका प्रकटीकरण अधिनियम 2008 के तहत सभी जरूरी सूचनाओं को संबंधित नगर निकायों की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है. इससे नगर निकायों के कामकाज की जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर नजर रखी जा सकेगी.इसके अलावा नगर निकायों की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद पर भी जोर दिया गया है. प्रत्येक नगर पंचायत को कम से कम एक जेसीबी, एक ट्रैक्टर और जनहित के कार्यों के लिए एक वाटर टैंकर खरीदने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है.इससे सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ जलापूर्ति और अन्य जरूरी कार्यों को भी सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी.
नगर निकायों में बुनियादी सुविधाएं सुधारने की पहल
जिले के नगर निकायों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है. प्रशासनिक भवन निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने और नगर निकायों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
