उमस भरी गर्मी से बढ़ी परेशानी,41 डिग्री पहुंचा तापमान

.चिलचिलाती धूप व उमस के चलते लोग गर्मी से झुलस रहे हैं.लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं. पिछले एक सप्ताह से पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना हुआ है. वही आर्द्रता के चलते लोगों को 48 डिग्री सेल्सियस की गर्मी सता रही है.आग उगलती सूरज किरणें व तन झुलसा देने वाली धूप से लोग बिलबिला रहे है.

प्रतिनिधि,सीवान.चिलचिलाती धूप व उमस के चलते लोग गर्मी से झुलस रहे हैं.लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं. पिछले एक सप्ताह से पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना हुआ है. वही आर्द्रता के चलते लोगों को 48 डिग्री सेल्सियस की गर्मी सता रही है.आग उगलती सूरज किरणें व तन झुलसा देने वाली धूप से लोग बिलबिला रहे है. सोमवार को भी तापमान 41 डिग्री पहुंच जाने से धूप व तपिश का आलम यह रहा कि दोपहर बाद सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर गया. जरूरी काम से निकले दोपहिया वाहनों पर सवार लोग सिर से पांव तक पूरी तरह अपने आपको ढ़ंके नजर आ रहे थे.तन झुलसाती धूप व तपिश से चढ़े पारे के चलते लोग बेहाल है.बाजार खाली पड़े है. भीषण गर्मी से पूरे दिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दोपहर के समय बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है.गर्मी के साथ ही बिजली की कटौती लोगों पर दोहरी मार कर रही है.लोगों का कहना है कि गर्मी के सीजन में बिजली के अघोषित कटौती जख्म पर नमक का काम कर रहे है. गर्मी ने लोगों को पूरी तरह से बेदम कर दिया है. ऐसे में शीतल पेय पदार्थों, जूस की दुकानों पर लोगों की भीड़ भी बढ़ गई है. भीषण गर्मी से जन जीवन प्रभावित गर्मी के तल्ख तेवर ने जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर डाला है. लोगों की दिनचर्या बदल चुकी है. सुबह या फिर शाम में ही लोग जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजारों का रूख कर रहे है.दिनभर तो जैसे सडक़ों पर अघोषित कफ्र्यू सा नजारा है. गर्मी पूरे शबाब पर है.नतीजा है कि ग्रामीण अंचल में पेड़ों की छांव लोगों को अच्छे लगने लगे है. लोगों का समय भी घंटों पेड़ों के नीचे बीतने लगा है. उल्टी- दस्त के मरीज बढ़े गर्मी तेज होने के साथ ही बीमारिया भी बढ़ गई है. अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या भी 40 प्रतिशत बढ़ गई है.इनमें उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन व बुखार के मरीज सर्वाधिक है.चिकित्सकों की मानें तो शरीर का तापमान बढ़ने से शरीर में पानी की कमी हो रही है.चिकित्सक डॉ. संजय गिरी ने बताया कि गर्मियों में खाना अक्सर प्रदूषित हो जाता है. इससे प्रभावित व्यक्ति उल्टी, दस्त, पेट दर्द की बीमारी का शिकार हो जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ज्यादातर मरीज इन्हीं बीमारियों के शिकार हो रहे है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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