Barharia TB-Free India Campaign : सीवान के बड़हरिया में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गतिविधियां तेज कर दी हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीमें घर-घर पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान और स्क्रीनिंग कर रही हैं. दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, बुखार, वजन कम होने और रात में पसीना आने जैसे लक्षण वाले लोगों की जांच कराई जा रही है.
घर-घर पहुंचकर टीबी मरीजों की हो रही पहचान
राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान में सीएचसी बड़हरिया के स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. अभियान का लक्ष्य ऐसे टीबी मरीजों की पहचान करना है, जो अब तक स्वास्थ्य व्यवस्था की नियमित निगरानी से बाहर हैं.
मिसिंग मरीजों की पहचान पर खास जोर
स्वास्थ्य विभाग का फोकस टीबी के छूटे हुए यानी मिसिंग मरीजों को खोजने पर है. इसके साथ ही टीबी से होने वाली मृत्यु दर कम करने और संक्रमण के प्रसार को रोकने की कोशिश की जा रही है. स्वास्थ्य टीम संभावित मरीजों तक पहुंचकर समय पर जांच और उपचार से जोड़ने का काम कर रही है.
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इन लक्षणों वाले लोगों की हो रही स्क्रीनिंग
स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होने और रात में पसीना आने जैसे लक्षणों के बारे में जानकारी ले रहे हैं. ऐसे लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति की आगे की जांच कराई जा रही है.
संदिग्ध मरीजों के लिए जांच की व्यवस्था
स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के संदिग्ध मरीजों के बलगम के नमूने लिए जा रहे हैं. इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है. जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को उपचार से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि बीमारी का समय पर इलाज हो सके.
स्वास्थ्यकर्मी निभा रहे अहम भूमिका
अभियान में डिस्ट्रिक्ट सुपरवाइजर पंकज कुमार सिन्हा, कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर सुजीत कुमार यादव, रेडियोग्राफर मो. सैफ अली, एक्स-रे टेक्निशियन अमित कुमार, सीएचओ नेहा उपाध्याय, एसटीएस नेहा कुमारी और आशा कार्यकर्ता राधा देवी, मंजू देवी सहित स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं.
लोगों को लक्षण और बचाव की दी जा रही जानकारी
घर-घर स्क्रीनिंग के साथ स्वास्थ्य विभाग लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक कर रहा है. स्वास्थ्यकर्मियों का जोर इस बात पर है कि संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाए और समय पर जांच कराई जाए.
हर संभावित मरीज तक पहुंचने का लक्ष्य
प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य हर संभावित टीबी मरीज तक पहुंचना और समय पर जांच व उपचार सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से बड़हरिया क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है.
समय पर जांच और उपचार से संक्रमण रोकने पर जोर
अभियान के दौरान संदिग्ध मरीजों की पहचान के साथ संक्रमित मरीजों को उपचार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि बीमारी की पहचान में देरी न हो और उपचार शुरू होने के बाद मरीज नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहें.
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