Siwan news : प्रधान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय शशिकांत राय की अदालत ने मंगलवार को विवाहिता को बहला-फुसलाकर भगाने और बेचने के मामले में पांच आरोपियों को मानव तस्करी के आरोप में दोषी करार दिया. अदालत ने सभी दोषियों को जेल भेजने का आदेश दिया है. वहीं सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख निर्धारित की गयी है.
साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी रिहा
मामले में आरोपी परतो ठाकुर को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया. वहीं दोषी ठहराये गये आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया.
कोर्ट परिसर में भीड़ का फायदा उठाकर दो आरोपी फरार
अदालत के आदेश के बाद कोर्ट रूम में मौजूद भीड़ का फायदा उठाकर दो आरोपी लवली देवी और लोकेश ठाकुर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गये. घटना के बाद कोर्ट में हड़कंप मच गया. अदालत ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
पांच जनवरी 2025 को घर से गायब हुई थी विवाहिता
मामला मैरवा थाना क्षेत्र के सिसवा खुर्द गांव का है. गांव निवासी राकेश कुमार कुशवाहा की पत्नी पांच जनवरी 2025 को अचानक घर से गायब हो गयी थी. इसके बाद राकेश ने पड़ोसी ऋषिदेव कुशवाहा की पत्नी लीलावती देवी पर अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगाने और बेचने का शक जताते हुए मैरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
जांच में पांच लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मुन्ना पटेल, परतो ठाकुर, लवली देवी, लोकेश कुमार और अनु देवी को आरोपी बनाया था. ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले बताए गये हैं. सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को मानव तस्करी के आरोप में दोषी करार दिया.
29 सितंबर को तय होगी दोषियों की सजा
अदालत ने दोषियों को जेल भेजने का आदेश देते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है. इस दिन अदालत दोषियों को दी जाने वाली सजा पर सुनवाई करेगी.
अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखी दलील
मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रंजन कुमार श्रीवास्तव ने बहस की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने अपना पक्ष रखा.
