Siwan News: 13 लड़की के फरार होने पर डीएम का बड़ा खुलासा, बताया कहां हुई चूक

Siwan News: सिवान जिले के जिरादेई प्रखंड के आश्रय गृह से 20 मार्च की रात 13 नाबालिग लड़कियां चारदीवारी फानकर फरार हो गई है. मामला सामने आने के तुरंत बाद जिला प्रशासन एक्टिव होकर उन लड़कियों को ढूंढना शुरू किया है.

Siwan News, अरविंद कुमार सिंह: सिवान के आश्रय गृह से 20 मार्च की रात में मौका पाकर 13 लड़कियां फरार हो गई. इनमें से 4 को आर्केस्ट्रा ग्रुप से छुड़ाया गया था. इस मामले में जिला प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिरादेई के विधायक अमरजीत कुशवाहा अपने कार्यकर्ताओं के साथ आश्रय गृह के सामने धरना पर बैठ गए. जिला अधिकारी ने इस मामले में जांच की बात कही है.

माले नेता ने लगाए गंभीर आरोप

माले नेता और विधायक अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन के मिली भगत से इन लड़कियों को भगा दिया गया है. आश्रय गृह के वार्डन और अन्य कर्मचारी कहां थे कि लड़कियां यहां से फरार हो गई है. यह आश्रय गृह के कर्मचारियों और वार्डन की लापरवाही है. जिला प्रशासन भी जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती करने में जुटा है. डीएम और एसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए हुए कहा कि एसडीएम से पूछे जाने पर कहते है कि आप डीएम से पूछिए, डीएम सिर्फ जांच की बात कर रहें है. आखिर ये लड़कियां कहां गई? इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई?

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क्या बोले डीएम

फरार लड़कियों में से 4 लड़कियों को आर्केस्ट्रा संचालक के चंगुल से छुड़ाया गया था. अन्य 10 को अन्य अलग-अलग मामलों में आश्रय गृह में लाया गया था. इन सबकी उम्र 18 साल से कम है. डीएम मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि लड़कियों के भागने के मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. इसके लिए धावा दल का गठन किया गया है. इस मामले में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है. सभी के ऊपर कार्रवाई होगी.

फरार लड़कियों में से 1 लड़की को बरामद किया गया है. अन्य को भी ट्रेस किया गया है, जल्दी ही बरामद कर लिया जाएगा. डीएम मुकुल कुमार गुप्ता ने आगे कहा कि यह प्रशासन के तरफ से निश्चित ही चूक हुई है. आरोपियों पर कार्रवाई होगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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