सीवान: समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में शुक्रवार को ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये.
जनसुनवाई के दौरान 59 से अधिक परिवादकर्ताओं ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं. डीएम ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की शीघ्र जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
कई मामलों की जिम्मेदारी वरीय अधिकारियों को
जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निष्पादन के लिए कई मामलों की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, भूमि सुधार उपसमाहर्ता (सीवान सदर एवं महाराजगंज) तथा अनुमंडल पदाधिकारी (सदर एवं महाराजगंज) को सौंपी गयी.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों की जांच निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जाये तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये.
भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामले अधिक
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, आपसी बंटवारा, अतिक्रमण, कल्याणकारी योजनाओं, बैंकिंग, शस्त्र लाइसेंस, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य, नगर पंचायत, पंचायती राज और विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं.
भूमि विवाद से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारियों और थानाध्यक्षों को विशेष निर्देश दिया.
शनिवार को दोनों पक्षों को बुलाकर करें सुनवाई
डीएम ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर आयोजित होने वाले जनता से साक्षात्कार कार्यक्रम में दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की जाये. मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाये, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े.
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं
जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाये. उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए आवेदकों को उचित समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की जांच के बाद कार्रवाई की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट भी समय पर उपलब्ध करायी जाये, ताकि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की प्रभावी निगरानी की जा सके.
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