Simran Parveen Rugby : सीवान के दरौली प्रखंड के करोम गांव की सिमरन परवीन ने खेल के क्षेत्र में जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है. सिमरन का चयन भारतीय अंडर-18 सेवेन्स रग्बी फुटबॉल टीम में हुआ है. वह चीन के किंगदाओ में 5 से 7 सितंबर तक होने वाली एशियन अंडर-18 सेवेन्स रग्बी फुटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और खेल जगत में खुशी है.
करोम गांव की सिमरन का भारतीय टीम में चयन
दरौली प्रखंड के करोम गांव निवासी सिमरन परवीन का चयन भारतीय अंडर-18 सेवेन्स रग्बी फुटबॉल टीम में हुआ है. वह चीन के किंगदाओ में आयोजित होने वाली एशियन अंडर-18 सेवेन्स रग्बी फुटबॉल चैंपियनशिप में भारत की ओर से मैदान पर उतरेंगी.
5 से 7 सितंबर तक चीन में होगी चैंपियनशिप
एशियन अंडर-18 सेवेन्स रग्बी फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन चीन के किंगदाओ में 5 से 7 सितंबर तक किया जाएगा. इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिमरन भारतीय टीम का हिस्सा होंगी.
रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स एकेडमी से जुड़ी हैं सिमरन
सिमरन मैरवा स्थित रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी हैं. उनके कोच और एकेडमी के संस्थापक सह निदेशक संजय पाठक के अनुसार, सिमरन सातवीं कक्षा से इंटरमीडिएट तक एकेडमी की आवासीय प्रशिक्षु रही हैं. इस दौरान उन्हें प्रशिक्षण समेत अन्य सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी गयीं. फिलहाल वह गैर-आवासीय खिलाड़ी के रूप में प्रशिक्षण ले रही हैं.
राष्ट्रीय चैंपियनशिप के प्रदर्शन से मिली पहली बड़ी कामयाबी
सिमरन का चयन हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर के लिए हुआ था. इसके बाद भुवनेश्वर स्थित कीट विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया, जहां उन्होंने आगे की तैयारी की.
थाईलैंड में अभ्यास मैचों के बाद टीम में मिली जगह
प्रशिक्षण शिविर के बाद भारतीय टीम ने 13 से 17 अगस्त तक थाईलैंड में अभ्यास मैचों में हिस्सा लिया. कोच के अनुसार, इन मैचों में सिमरन के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली.
जिले की पहली खिलाड़ी होने का दावा
कोच संजय पाठक ने बताया कि सिमरन जिले की पहली खिलाड़ी हैं, जिनका भारतीय राष्ट्रीय रग्बी टीम में चयन हुआ है और जो एशियन चैंपियनशिप में खेलने जा रही हैं. इससे पहले एकेडमी की पुतुल कुमारी और उषा कुमारी भारतीय रग्बी टीम के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुई थीं, लेकिन अंतिम टीम में उनका चयन नहीं हो सका था.
सातवीं कक्षा से रग्बी का प्रशिक्षण
सिमरन ने कम उम्र से ही रग्बी का प्रशिक्षण शुरू किया. एकेडमी में रहते हुए उन्होंने नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. लगातार प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर तक पहुंचने का अवसर मिला.
एकेडमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
कोच संजय पाठक ने बताया कि वर्ष 2013 से अब तक एकेडमी के कई खिलाड़ी बिहार की रग्बी फुटबॉल टीम का हिस्सा रहे हैं. इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली टीमों में भी प्रतिनिधित्व किया है.
सिमरन की सफलता में कई लोगों का योगदान
संजय पाठक ने सिमरन की सफलता का श्रेय उनके कठिन अभ्यास के साथ बाढ़ खेल मैदान के रग्बी प्रशिक्षक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार राज्य रग्बी फुटबॉल संघ के सचिव पंकज ज्योति के योगदान को भी दिया. उनके अनुसार, प्रशिक्षण और लगातार अभ्यास ने सिमरन को इस मुकाम तक पहुंचाने में मदद की.
