सीवान में 1919 तक के जमीन रजिस्ट्री रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन, पेपरलेस होगी पूरी निबंधन प्रक्रिया

Siwan Paperless Land Registry : सीवान के गुठनी और दरौली क्षेत्र में जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी सुविधा मिलने वाली है. पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अंतिम चरण में है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी. यह बदलाव दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा और निबंधन प्रक्रिया को सरल बनाएगा.

Siwan Paperless Land Registry : सीवान के गुठनी और दरौली क्षेत्र के लोगों को जल्द ही जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी बड़ी सुविधा मिलने वाली है. निबंधन कार्यालय में पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अंतिम चरण में है. इसके बाद जमीन से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे और पूरी निबंधन प्रक्रिया पेपरलेस बनाने की तैयारी पूरी हो जाएगी.

पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अंतिम चरण में

निबंधन विभाग जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. विभाग के अनुसार वर्ष 1950 के बाद के सभी जमीन रजिस्ट्री अभिलेखों का डिजिटाइजेशन पहले ही पूरा किया जा चुका है. अब वर्ष 1919 से 1950 तक के दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है.

जमीन रजिस्ट्री के दस्तावेज होंगे ऑनलाइन उपलब्ध

डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद लोगों को पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों की प्रति प्राप्त करने या जमीन संबंधी जानकारी के लिए बार-बार निबंधन कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा. रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होने से दस्तावेजों की खोज आसान, तेज और अधिक पारदर्शी हो जाएगी. लोग घर बैठे ही अपनी जमीन से जुड़े पुराने अभिलेखों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

पेपरलेस व्यवस्था से आसान होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया

पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन निबंधन से जुड़े सभी दस्तावेज विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे. नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के समय केवल क्रेता और विक्रेता को ही निबंधन कार्यालय में उपस्थित होना होगा. पहचानकर्ता की अनिवार्यता समाप्त होने से लोगों का समय बचेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनेगी. इससे कार्यालयों में भीड़ भी कम होगी और कार्यों का निष्पादन तेजी से हो सकेगा.

डीड राइटर ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने में करेंगे मदद

विभाग ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर आवेदक डीड राइटर की सहायता ले सकेंगे. विभाग द्वारा चयनित डीड राइटरों को सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जाएगा, ताकि वे ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने और अपलोड करने में लोगों की मदद कर सकें. इससे डिजिटल प्रक्रिया अपनाने में आम लोगों को सुविधा मिलेगी.

डिजिटल रिकॉर्ड से सुरक्षित रहेंगे पुराने दस्तावेज

डिजिटल स्वरूप में रिकॉर्ड सुरक्षित होने से वर्षों पुराने अभिलेखों के खराब होने, फटने या नष्ट होने की आशंका समाप्त हो जाएगी. साथ ही अभिलेखों के रखरखाव और खोज में भी विभाग को सुविधा मिलेगी. विभाग का मानना है कि इससे निबंधन व्यवस्था अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी.

क्या बोले अवर निबंधक

दरौली के अवर निबंधक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अंतिम चरण में है. विभागीय आदेश मिलते ही पेपरलेस और ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन निबंधन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी, जिससे लोगों को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी.

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Author: Chandra Prakash

Published by: Sakshi Kumari

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