ठिठुरन बढ़ने से घर में दुबके रहे लोग, बढ़े सदी-खांसी के मरीज

सदर अस्पताल में इस समय 40 फीसदी से अधिक सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं

सीवान/महाराजगंज . जिले में पिछले पांच दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. सर्द हवाओं के कारण बढ़ी ठिठुरन से शाम के बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए ठंडी हवाएं परेशानी का सबब बन गई हैं. हल्की सी लापरवाही बरतने पर लोग मौसमी बीमारियों जैसे वायरल, सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं.

सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सदर अस्पताल में इस समय 40 फीसदी से अधिक सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं. महाराजगंज अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एसएस कुमार ने बताया कि बुखार और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि खांसी की समस्या गंभीर रूप ले रही है और कई मरीजों को तीन से चार सप्ताह तक खांसी से राहत नहीं मिल रही है. एलर्जी की दवा से आराम नहीं मिलने पर मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराना पड़ रहा है.

चौथे दिन भी नहीं निकले सूर्यदेव

जिले में चौथे दिन भी शनिवार को सुबह से शाम तक भगवान सूर्य के दर्शन नहीं होने से लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे. शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भीषण शीतलहर के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम देखी गई.

शीतलहर के बाद नगर परिषद की ओर से चौक-चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. खासकर झुग्गी-झोपड़ी और सड़कों के किनारे रहने वाले लोगों को अधिक परेशानी हो रही है.

चिकित्सक दे रहे ठंड से बचाव की सलाह

ठंड बढ़ने के साथ चिकित्सक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. चिकित्सक डॉ. संजय गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इसके अलावा बुजुर्गों और बच्चों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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