पंचायत भवन में ही मिलेंगे प्रमाणपत्र

जाति आय और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. अब सभी पंचायत कर्मियों को अपने -अपने क्षेत्र के पंचायत सरकार भवनों या पंचायत भवनों में ड्यूटी देनी होगी. उन्हें दिन में दो बार बायोमेट्रिक हाजिरी से भी गुजरना है. जिसकी निगरानी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और आइटी सहायक करेंगे. यदि किसी भी कर्मी द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरती गई तो उसे अक्षम मानते हुए कार्रवाई की जायेगी.

संवाददाता. गुठनी. जाति आय और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अब प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. अब सभी पंचायत कर्मियों को अपने -अपने क्षेत्र के पंचायत सरकार भवनों या पंचायत भवनों में ड्यूटी देनी होगी. उन्हें दिन में दो बार बायोमेट्रिक हाजिरी से भी गुजरना है. जिसकी निगरानी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और आइटी सहायक करेंगे. यदि किसी भी कर्मी द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरती गई तो उसे अक्षम मानते हुए कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए डीएम मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा है कि सरकारी योजनाओं को जन जन तक सुगमता पूर्वक पहुंचाने के लिए पंचायत सरकार भवन व पंचायत भवन पर आरटीपीएस काउंटर प्रतिदिन चालू रखने का निर्देश था, लेकिन ऐसी सूचना मिल रही है कि कई जगहों पर पंचायत कर्मी ऐसा नहीं कर रहे हैं.ऐसे में अब सख्त आदेश दिया जाता है कि पंचायत सचिव, कार्यपाल सहायक, न्याय मित्र विकास मित्र, रोजगार सेवक, आवास सहायक व किसान सलाहकार समेत जितने भी कर्मी पंचायत स्तर पर बहाल हैं उन्हें अब प्रखंड मुख्यालय के बजाय हर दिन अपने पंचायत कार्यालय पर कार्यों को करना होगा है. इनके कार्यों की जानकारी बीपीआरओ और आइटी सहायक औचक वीडियो कॉल से करेंगे और प्रतिदिन शाम में जिला पंचायत कार्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप में गूगल लोकेशन के साथ भेजेंगे. इसी आधार पर कर्मियों का वेतन या मानदेय का भुगतान किया जायेगा. पंचायत कर्मियों को अपने निर्धारित समय पर पहुंचने और शाम में निकलने के दौरान बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना जरूरी है इसकी प्रतिलिपि सभी को भेज दिया गया है. जहां पंचायत सरकार भवन बन चुका है वहां तो इस भवन में कार्य करना है, लेकिन जिस जगह पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं हुआ है, उन पंचायत में सामुदायिक केंद्रों पर सभी कर्मी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर क्षेत्र की जनता का कार्य करेंगे. पंचायत कार्यालय में मुश्किल से मिलते हैं पंचायत कर्मी पंचायतकर्मी अपने कार्यालयों में बड़ी मुश्किल से ही मिल पाते हैं. अधिकांश पंचायत भवनों में ताला लटका रहता है और सभी कर्मी प्रखंड कार्यालय में ड्यूटी देने में अपनी महत्ता समझते हैं. प्रखंड के अधिकांश पंचायत सचिव व राजस्व कर्मचारियों का प्रखंड मुख्यालय में ही निजी ऑफिस है जहां बुलाकर कार्य को अंजाम देते हैं. कुछ पंचायतों में तो इनके कार्य किसी सुपुर्द व्यक्ति के हाथ में जो अपने हिसाब से कार्य को अंजाम देते हैं. कई लोगों को इन कर्मियों का पता भी ठीक से मालूम नहीं रहता. जबकि सरकार द्वारा पंचायत सरकार भवन और पंचायत भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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