सेवा है यज्ञ-कुंड, समिधा सम हम जलें” गीत की प्रेरणादायी पंक्तियों को आत्मसात करते हुए लोक शिक्षा समिति, बिहार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सेवक-सेविका कार्यशाला का समापन सेवा और स्वच्छता के संदेश के साथ हुआ. कार्यशाला के अंतिम दिन सीवान विभाग के विभिन्न विद्या भारती विद्यालयों से जुड़े सेवक-सेविकाओं ने ऐतिहासिक महादेवा शिव मंदिर परिसर में सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया.
सेवक-सेविकाओं ने किया सामूहिक श्रमदान
लोक शिक्षा समिति के विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम के नेतृत्व में सेवक-सेविकाओं का समूह महादेवा शिव मंदिर पहुंचा. यहां सभी ने सामूहिक रूप से कार सेवा करते हुए मंदिर परिसर की साफ-सफाई की. अभियान के दौरान परिसर में बिखरे कचरे, पत्तियों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र किया गया. इसके बाद परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित किया गया.
सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
स्वच्छता अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने सेवा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया. कार्यशाला में मिले प्रशिक्षण को व्यवहार में उतारते हुए सेवक-सेविकाओं ने श्रमदान के माध्यम से सेवा भावना का परिचय दिया.
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तीन जिलों के करीब 60 सेवक-सेविकाओं ने लिया हिस्सा
विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम ने बताया कि रविवार से महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर, महावीरपुरम में आयोजित कार्यशाला में छपरा, सीवान और गोपालगंज जिलों में संचालित विद्या भारती विद्यालयों के करीब 60 सेवक-सेविकाओं ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों से बना भवन नहीं, बल्कि एक परिवार है. इस परिवार को प्रत्येक सदस्य अपने दायित्व और समर्पण से जीवंत बनाता है.
उन्होंने कहा कि चपरासी, वाहन चालक और नाइट गार्ड सहित सेवक-सेविकाएं विद्यालय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी और रीढ़ हैं. ये पर्दे के पीछे रहकर विद्यालय के कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनका परिश्रम और समर्पण विद्यालय की सफलता की मजबूत नींव है.
कर्तव्य, अनुशासन और सुरक्षा समेत कई विषयों पर प्रशिक्षण
तीन दिनों तक चली कार्यशाला में सेवक-सेविकाओं के कर्तव्य, दायित्व, व्यवहार, अनुशासन, सुरक्षा, स्वच्छता और विद्यालय व्यवस्था में उनकी भूमिका समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया. समापन अवसर पर कारसेवा के माध्यम से प्रशिक्षण के व्यवहारिक पक्ष को भी सामने रखा गया.
ये लोग रहे मौजूद
मौके पर महावीरी विद्यालय बरहन गोपाल के अध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे, शिशु मंदिर महावीरपुरम के सचिव राजीव कुमार सिंह, महावीरी विद्यालय विजयहाता के प्राचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन, शिशु मंदिर महावीरपुरम के प्रधानाचार्य कमलेश नारायण सिंह सहित विद्यालय के आचार्य बंधु-भगिनी मौजूद रहे.
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