सम्राट कैबिनेट से मंगल पांडे क्यों हुए बाहर, सामने आ रहे हैं दो बड़े कारण

Bihar Politics: सम्राट चौधरी सरकार के गठन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मंगल पांडे को लेकर हो रही है. हर सरकार में मंत्री रहे नेता इस बार कैबिनेट से बाहर हैं. बंगाल चुनाव में भूमिका के बावजूद उन्हें जगह नहीं मिली. इससे बिहार बीजेपी और सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हैं.

Bihar Politics: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री समेत कुल 35 मंत्रियों ने शपथ लेकर अपने विभाग संभाल लिए हैं. पिछली कई सरकारों में मंत्री रहे मंगल पांडे इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए. मंगल पांडे लंबे समय तक बिहार की राजनीति में मजबूत मंत्री चेहरे के तौर पर देखे जाते रहे हैं. पहले विधान परिषद सदस्य रहे और अब सीवान से विधायक हैं. ऐसे में उनका कैबिनेट से बाहर रहना कई सवाल खड़े कर रहा है.

बंगाल जीत के बाद भी नहीं मिला मौका

बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी सफलता की चर्चा थी. मंगल पांडे वहां पार्टी के प्रभारी रहे हैं, इसलिए माना जा रहा था कि उन्हें इसका राजनीतिक फायदा मिलेगा. लेकिन बिहार मंत्रिमंडल में उनका नाम नहीं आने से चर्चा और तेज हो गई.

अब तक मंगल पांडे ने खुद इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ लोग इसे मंत्री रहते उनके प्रदर्शन से जोड़ रहे हैं, तो कुछ मान रहे हैं कि पार्टी उनके लिए कोई और बड़ी भूमिका तय कर सकती है.

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सीवान में सक्रिय, सोशल मीडिया पर लगातार संदेश

पटना लौटने के बाद मंगल पांडे अपने विधानसभा क्षेत्र सीवान पहुंचे. यहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी लगातार चर्चा में हैं. इससे यह संकेत मिल रहा है कि वह पूरी तरह सक्रिय हैं.

राजनीति में हर फैसला सिर्फ पद से नहीं जुड़ा होता. कई बार बड़ी जिम्मेदारी के लिए भी नेताओं को अलग रखा जाता है. बंगाल में पार्टी की सफलता में मंगल पांडे की भूमिका को अहम माना जा रहा है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उन्हें केंद्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. चर्चा है कि युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है, साथ ही बंगाल जैसे अहम राज्य की जिम्मेदारी भी उनके पास बनी रह सकती है. इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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