Siwan News : हसनपुरा प्रखंड के अंदर में मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोइयों ने तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने समेत विभिन्न मांगों को लेकर विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपा है. यह आवेदन साधनसेवी आंदर के माध्यम से निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार सरकार को भेजा गया है.
रसोइयों ने आवेदन में कहा है कि पर्व-त्योहार के बीच तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने मानदेय का नियमित भुगतान करने की मांग की है.
एनजीओ से मध्याह्न भोजन संचालन पर जतायी आपत्ति
रसोइया संघ ने एनजीओ के माध्यम से मध्याह्न भोजन योजना का संचालन किये जाने पर भी आपत्ति जतायी. रसोइयों का कहना है कि बिहार के 29 जिलों के करीब 11 हजार विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. उनका आरोप है कि कई विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.
रसोइयों ने कहा कि वर्ष 2016 में नौ जिलों के शहरी क्षेत्रों से शुरू हुई यह व्यवस्था अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू की जा रही है. इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलने में परेशानी होने का आरोप लगाया गया. आवेदन में मध्याह्न भोजन में छिपकली और सांप मिलने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है.
मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग
रसोइयों ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलने तक मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग की है. इसके अलावा दो जोड़ी वर्दी, रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 60 वर्ष करने, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ देने तथा 12 माह का मानदेय भुगतान करने की मांग की गयी है.
इसके साथ ही रसोइयों ने दुर्घटना बीमा का लाभ देने और मध्याह्न भोजन योजना से एनजीओ को बाहर करने की मांग भी रखी है.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
रसोइयों ने आवेदन में कहा है कि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गयी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. संघ ने मानदेय का नियमित भुगतान और अन्य मांगों के जल्द समाधान की मांग की है.
मौके पर रसोइया संघ के जिला सचिव सुदर्शन यादव, पिंकी, फुलवारी देवी, सुगांती देवी, मुन्ना चौरसिया, तारकेश्वर साह, मदन साह सहित दर्जनों रसोइया उपस्थित रहे.
