siwan news. मरीजों को बहकाकर ले जाने के लिए इमरजेंसी में घुसे निजी एंबुलेंस चालक, डॉक्टरों को धमकाया

36 घंटे पहले ही स्वास्थ्य मंत्री ने दलालों पर कार्रवाई की दी थी चेतावनी

सीवान. बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सदर अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के महज 36 घंटे के भीतर ही दलालों की गुंडई सामने आ गई. गुरुवार की रात निजी अस्पतालों के लिए दलाली करने वाले निजी एम्बुलेंस चालकों ने सदर अस्पताल के आपात कक्ष में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को खुलेआम धमकी दे दी, जिससे अस्पताल परिसर में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात करीब सात बजे एमएच नगर थाना क्षेत्र के हाता धनौती गांव से मारपीट में जख्मी करीब आधा दर्जन लोग इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे. मरीजों के पहुंचते ही मौके पर मौजूद निजी एम्बुलेंस चालक सक्रिय हो गए और उन्हें बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे. इसी दौरान वे ड्रेसिंग रूम में घुस पड़े और स्वास्थ्यकर्मियों से जबरन ग्लव्स मांगने लगे, ताकि खुद ही घायलों की पट्टी कर उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाया जा सके.

दहशत में आये डॉक्टरों ने वरीय अधिकारियों को दी जानकारीड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जब इस अवैध गतिविधि का विरोध किया तो निजी एम्बुलेंस चालक उग्र हो गए. आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों को धमकाते हुए कहा कि ड्यूटी कर बाहर निकलो, हम तुम्हें बताते हैं. इस खुलेआम धमकी से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में भय व्याप्त हो गया.

स्थिति बिगड़ती देख दहशत में आए डॉक्टरों ने पहले अपने वरीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और उसके बाद नगर थाना की पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी निजी एम्बुलेंस चालक एम्बुलेंस लेकर मौके से फरार हो गए.

कड़ी कार्रवाई की मांग

इस घटना ने एक बार फिर सदर अस्पताल में सक्रिय एम्बुलेंस माफिया और दलालों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी के बावजूद यदि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं, तो मरीजों की सुरक्षा और निष्पक्ष इलाज पर भी प्रश्नचिह्न लगना लाजिमी है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अस्पताल प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है. अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर घटना के बाद एम्बुलेंस माफिया पर कब और कैसे नकेल कसता है.

बोले अधिकारी

डॉक्टर ने घटना के संबंध में लिखित शिकायत दी है. धमकी देने वाले एम्बुलेंस चालकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए नगर थाने को आवेदन भेजा जा रहा है.

डॉ अनूप कुमार दुबे, नोडल ऑफिसर, सदर अस्पताल, सीवान

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