Siwan Urea Black Marketing : सीवान जिले में यूरिया की बिक्री में अनियमितता और कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. महाराजगंज और जीरादेई प्रखंड में तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. जांच के दौरान किसानों के नाम पर बड़ी मात्रा में यूरिया की बिक्री दर्ज होने और संबंधित किसानों द्वारा खाद खरीदने से इनकार करने के मामले सामने आए. कार्रवाई के बाद उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मचा है.
किसानों के नाम पर 140 बोरी यूरिया की बिक्री
महाराजगंज प्रखंड के रामगढ़ा स्थित मेसर्स आयांश ट्रेडर्स के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की है. फर्म के प्रोपराइटर अनुराग कुमार हैं. कृषि निदेशक, बिहार, पटना से मिली सूचना के आधार पर टॉप-40 यूरिया खरीदारों की जांच की गई थी. इसमें POS मशीन के माध्यम से तीन लोगों के नाम पर कुल 140 बोरी यूरिया की बिक्री दर्ज मिली.
जांच में किसानों ने खाद खरीदने से किया इनकार
रिकॉर्ड के अनुसार दीपू कुमार के नाम पर 41 बोरी, शकुंतला कुमारी के नाम पर 49 बोरी और उज्ज्वल आनंद के नाम पर 50 बोरी यूरिया की बिक्री दिखाई गई थी. जिला पदाधिकारी के आदेश पर गठित जांच दल ने जब संबंधित किसानों से पूछताछ की, तो तीनों ने यूरिया खरीदने से इनकार कर दिया.
जवाब नहीं मिलने पर रद्द हुआ लाइसेंस
मामले में कृषि विभाग ने फर्म का लाइसेंस पहले निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था. विभाग की ओर से 13 अप्रैल 2026 को पत्रांक 735 के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन फर्म की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद विभाग ने मामले को यूरिया की कालाबाजारी से जुड़ा मानते हुए उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की सुसंगत धाराओं के तहत अनुज्ञप्ति रद्द कर दी.
सनराइज ट्रेडर्स पर भी हुई कार्रवाई
महाराजगंज प्रखंड के गौर बाजार स्थित मेसर्स सनराइज ट्रेडर्स के खिलाफ भी यूरिया बिक्री में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की गई. फर्म के प्रोपराइटर सूरज कुमार प्रसाद हैं. POS मशीन में जलालुद्दीन अंसारी, ग्राम माधोपुर, बड़हरिया के नाम पर 40 बोरी और मनीषा कुमारी, ग्राम गौर, महाराजगंज के नाम पर 42 बोरी यूरिया की बिक्री दर्ज थी.
एक किसान ने पांच बोरी खरीदने की बात मानी
जांच के दौरान जलालुद्दीन अंसारी ने 40 बोरी के बजाय केवल पांच बोरी यूरिया खरीदने की बात स्वीकार की. वहीं, मनीषा कुमारी ने यूरिया खरीदने से ही इनकार कर दिया. विभाग ने फर्म को निलंबित कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब नहीं मिलने के बाद अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई.
मंगलम ट्रेडर्स पर भी गिरी गाज
जीरादेई प्रखंड के छीतनपुर स्थित मंगलम ट्रेडर्स के खिलाफ भी यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की. कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में टीम ने दुकान पर पहुंचकर उर्वरक के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की.
जांच में अनियमितता मिलने पर लाइसेंस रद्द
जांच के दौरान उर्वरक बिक्री से संबंधित अनियमितता मिलने के बाद विभाग ने मंगलम ट्रेडर्स का उर्वरक लाइसेंस रद्द कर दिया. कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य उर्वरक विक्रेताओं में भी दहशत का माहौल है.
निर्धारित दर पर खाद बेचने का निर्देश
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है. विभाग ने कहा कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी करने या खाद वितरण में किसी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
किसानों से भी विभाग ने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी निर्धारित दर पर ही यूरिया और अन्य उर्वरक खरीदें. यदि कोई दुकानदार निर्धारित कीमत से अधिक राशि मांगता है या खाद की बिक्री में अनियमितता करता है, तो किसान तत्काल कृषि विभाग को इसकी सूचना दें.
