siwan news : 1400 करोड़ खर्च कर मशरख तक बनेगी 50 किमी फोर लेन सड़क, सीधे जुड़ेंगे 50 गांव

siwan news : रामजानकी पथ पर बन रही नयी फोरलेन सड़क, सीवान को मिलेगी नयी पहचान, पांच बाइपास और दो फ्लाइओवर से खुलेगा जिले में विकास का द्वार, नवंबर 2026 तक पूरा करने का निर्धारित किया गया है लक्ष्य

सीवान. सीवान से मशरख तक अब सफर और सहज, सुगम और सुरक्षित होगा. भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रामजानकी पथ के फोरलेन विस्तार से न केवल अयोध्या और सीतामढ़ी की पवित्र यात्रा आसान होगी. बल्कि उत्तर बिहार की सड़क संरचना को नयी रफ्तार भी मिलेगी. इस 50 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क के निर्माण पर लगभग 1400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है. परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है और नवंबर 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस सड़क के बनने से सीवान, सारण और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जाम, दुर्घटना और धूलभरी यात्रा से राहत मिलेगी. यही नहीं निर्माण से जुड़ी गतिविधियों से स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. इस फोरलेन सड़क का निर्माण टडवा सीवान से लेकर मशरख (सारण) तक किया जा रहा है, जो करीब 50 गांवों से होकर गुजरेगी. सड़क के मुख्य मार्ग में पांच बाइपास वैशाखी, तरवारा, बसंतपुर, बनसोही और मशरख का निर्माण होगा, जिससे बाजारों की भीड़ से बचते हुए यात्री सीधा गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. इसके अलावा दो फ्लाइओवर, एक हकाम के दाहा नदी पर बड़ा पुल और दूसरा विशुनपुरा गांव में तैयार हो रहा है. 12 छोटे पुल भी जगह-जगह बनाये जा रहे हैं, जो जलनिकासी और संपर्क मार्गों के लिए अहम होंगे. मोड़ सुधार और दो स्थानों पर रिएलाइनमेंट का कार्य भी योजना का हिस्सा है. गोरेयाकोठी प्रखंड के आज्ञा गांव में एक टोल प्लाजा का भी निर्माण किया जायेगा, जिससे परियोजना की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होगी. सड़क निर्माण के बाद 15 वर्षों तक इसका रखरखाव भी कंपनी करेगी, ताकि गुणवत्ता में कोई समझौता न हो. रामजानकी पथ न केवल धार्मिक यात्रा को सहज बनायेगा, बल्कि यह नेपाल सीमा तक व्यापार और पर्यटन को भी रफ्तार देगा. अयोध्या और सीतामढ़ी को जोड़ने वाले इस मार्ग से अब यात्रियों को लंबी दूरी की यात्राओं में समय की बचत होगी और जिले की ब्रांडिंग भी राष्ट्रीय स्तर पर होगी. इस परियोजना का निर्माण कार्य मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. निर्माण की निगरानी एनएचएआइ की परियोजना इकाई छपरा के अधीन हो रही है. यह सड़क जिले के समग्र विकास की आधारशीला है. सड़क के बनने के बाद से चमचमाते फोरलेन से वाहन गुजरेंगे. इसके साथ ही लोगों को नेपाल तक जाने में काफी कम समय लगेगा. परियोजना निदेशक पीआइयू, एनएचएआइ छपरा राजू कुमार ने बताया कि मशरख तक फोरलेन सड़क निर्माण की लागत करीब 1400 करोड़ रुपये है. निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसमें पांच बाइपास, दो ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और 12 छोटे पुलों का निर्माण होगा. सड़क तैयार होने से जिले के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा.

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Published by: Shailesh kumar

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