सीवान : तकरीबन एक माह पूर्व दो हाइ स्कूलों में स्मार्ट क्लास उपकरणों की चोरी के बाद 64 से अधिक स्कूलों में इन उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. छात्रों को डिजिटल शिक्षा मुहैया करने के उद्देश्य से जिले के 159 स्कूलों में बिहार उन्नयन कार्यक्रम के तहत स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है.
इन स्कूलों में 90 हजार रूपये की लागत से सेटअप स्थापित किया गया है, जिसमें 54 इंच के एलइडी सहित अन्य इलेक्ट्रानिक्स उपकरण शामिल है. राशि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना द्वारा उपलब्ध करायी गयी थी. जिन दो स्कूलों में उपकरणों के चोरी की घटना हो चुकी है, उसमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय हरायपुर व उत्क्रमित उच्च विद्यालय खेढ़ाय शामिल है.
विभाग का दावा :विभाग की बातों पर गौर करें तो उपकरणों की चोरी के बाद सभी उत्क्रमित हाइ स्कूलों के एचएम को तत्काल प्रभाव से रात्रि के प्रहरी नियुक्ति का निर्देश दे दिया गया है. विभाग की बातों पर गौर करें तो 159 स्कूलों में 95 राजकीयकृत हाइ स्कूलों को चतुर्थ वर्गीय कर्मी से सुरक्षा का निर्देश दिया गया है. ऐसे स्कूलों में जहां एक चपरासी है, वहां एक अतिरिक्त आदमी को रखने का निर्देश है, जिसका भुगतान विकास कोष से स्कूल प्रबंधन करेगा.
जबकि शेष 64 उत्क्रमित हाइ स्कूल, जहां इसकी सुरक्षा के लिए कोई व्यक्ति नहीं है, रात्रि प्रहरी रखने का निर्देश है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद सीवान के ईएफई प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि ऐसे रात्रि प्रहरी को पांच हजार रूपये का मानदेय दिया जायेगा. जिसके लिए राशि की डिमांड परिषद से की गयी है.
एसपीओ ने डीइओ को लिखा पत्र
इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् पटना के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी किरण कुमारी ने डीइओ व डीपीओ को पत्र भेजकर रात्रि प्रहरी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. पत्र में कहा गया है कि स्कूलों में उपस्कर, प्रयोगशाला, पुस्तक, क्रीड़ा सामग्री, कंप्यूटर सहित उन्नयन बिहार योजना अंतर्गत स्मार्ट क्लास हेतु टेलविजन, विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त कंप्यूटर या टीवी आदि उपकरणों की सुरक्षा हेतु रात्रि प्रहरी की व्यवस्था करनी है.
पत्र में आगे कह गया है कि विभिन्न जिलों द्वारा मांग के आधार पर राज्य के 2742 माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रात्रि प्रहरी के माह मार्च, 2020 तक के मानदेय भुगतान हेतु आवश्यक राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है. बावजूद इसके राज्य के 40 विद्यालयों से उन्नयन बिहार योजना अंतर्गत स्मार्ट क्लास हेतु अधिष्ठापित हार्डवेयर के चोरी की सूचना राज्य कार्यालय को प्राप्त हुई है, जो चिंताजनक है.
बोले अिधकारी
वैसे स्कूल जहां रात्रि प्रहरी नहीं है, की तत्काल प्रभाव से व्यवस्था का निर्देश संबंधित एचएम को दिया गया है. इनकी व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में यदि सामानों की चोरी होती है तो, उसकी जिम्मेदारी एचएम की होगी. अभी तक दो स्कूलों में स्मार्ट क्लास के सेटअप चोरी की सूचना कार्यालय को प्राप्त हुई है.
दिलीप कुमार सिंह, डीपीओ, एसएसए, सीवान
