सीवान : सीवान जिला व यूपी के बलिया जिला को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर बनाया गया पीपा पुल गुरुवार को क्षतिग्रस्त हो गया. जिससे आवागमन ठप हो गया. साथ ही पीपा पुल के क्षतिग्रस्त होने से नदी के गहरे में आलू लदी पिकअप लापता हो गयी. संयोग था कि चालक व खलासी कूद कर जान बचायी.
चालक व खलासी घटना के बाद से फरार है. वे दोनों यूपी के सिकंदरपुर निवासी बताये जा रहे है. वहीं नदी में लापता पिकअप की खोज जारी है. पिकअप आलू लेकर दरौली को आ रही थी. इधर पीपा पुल टूट जाने के बाद आवागमन पूरी तरह से बाधित है. दोनों जिले की प्रशासन पीपा पुल को ठीक कराने में जुटा है.
जानकारी के अनुसार यूपी व बिहार की सीमा से होकर गुजर रही सरयू नदी पर बारह वर्ष पहले करोड़ों रुपये खर्च कर पीपा का पुल बनाया गया था. हर बार बरसात समाप्त होने व नदी का जलस्तर कम होने के बाद पीपा पुल नदी पर तैयार कर दिया जाता है. जिससे दोनों प्रदेशों के लोगों का सीधा संपर्क हो सके. इसी बीच पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो गया. इधर पिकअप का कही पता नहीं चल सका. उसकी खोजबीन जारी है. मछुआरे लगातार नदी को खंगाल रहे है.
पखवारे भर पहले चालू हुआ था पीपा पुल : दरौली. दो राज्यों के दिलों को जोड़ने वाला दरौली के सरयू नदी पर बना पीपा पुल विगत एक पखवारे पहले चालू हुआ था. जानकारी के अनुसार यह पुल अक्तूबर व नवंबर माह में या कार्तिक पूर्णिमा के मेले से कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हो जाता है. लेकिन इस बार इसके निर्माण में देरी हुई. फिलहाल दिसंबर माह में पीपा पुल बनकर तैयार हो गया और आवागमन सुचारु रूप से शुरू हो गया. रोजाना सैकड़ों वाहन व हजारों लोग आते-जाते थे.
साल में 4 से 5 महीने तक चलने वाला यह पीपा पुल दोनों तरफ के लोगों के लिए एक रिश्तों की डोर के रूप में काम कर रहा था. इसी बीच गुरुवार को पीपा पुल ध्वस्त हो गया. अब लोगों को सेतु निगम उत्तर प्रदेश के मांझी पुल या भागालपुर पुल से होर जाना पड़ेगा. पहले पीपा पुल से 10 किमी की दूरी तय कर लोग बलिया जिले में प्रवेश कर जाते है. अब उन्हें लगभग 85 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी.
पिकअप से कूद कर चालक और खलासी ने बचायी जान
पिकअप की खोजबीन में जुटे है मछुआरे व एनडीआरएफ की टीम
यूपी के सिकंदरपुर से आलू लेकर दरौली आ रहे थे चालक व खलासी
2007 से सरयू नदी पर बन रहा था पीपा पुल
यूपी व बिहार की सीमा को जोड़ने वाली सरयू नदी पर 2007 में सपा के तत्कालीन विधायक मो. रिजवी की पहल पर पीपा पुल बनाने का कार्य शुरू हुआ. इस कार्य में कुल सात करोड़ 50 लाख रुपये खर्च हुए थे. इधर नदी पर पीपा पुल तैयार होते ही दोनों प्रदेशों के खास कर नदी की सीमा पर रहनेवाले लोगों को काफी खुशी थी.
पीपा पुल के नहीं बनने से लोगों को पहले यूपी के बलिया जिले व बिहार के सीवान व गोपालगंज के लोगों को यूपी के देवरिया जिले के भागलपुर या फिर बड़हलगज पुल से होकर बलिया या फिर बिहार में प्रवेश करना पड़ता था.
परंतु पीपा पुल के हो जाने के बाद लोग सीधा दरौली होकर जिले में प्रवेश कर जाते थे. व्यवसाय के दृष्टिकोण से भी यह पीपा पुल काफी महत्वपूर्ण था. फिलहाल प्रशासन पीपा पुल के मरम्मत में जुटी हुयी है.
पुल ध्वस्त होते ही नाव का परिचालन शुरू
गुरुवार को पीपा पुल ध्वस्त होने के बाद आवागमन के लिए नाव का परिचालन शुरू करा दिया गया है. यह सब लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो इसे देखते हुए शुरू किया गया है. नाव का परिचालन शुरू होते ही लोग आ व जा रहे है.
