विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के मामले की हो रही जांच, बच्ची के साथ होगा न्याय : डीएम

सीवान : विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की मानसिक रूप से दिव्यांग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में डीएम रंजीता सख्त है. उन्होंने कहा कि इस मामले की गहनता जांच की जा रही है. बच्ची के साथ हर हाल में न्याय होगा. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. वहीं, पुलिस संस्थान के सभी कर्मचारियों से […]

सीवान : विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की मानसिक रूप से दिव्यांग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में डीएम रंजीता सख्त है. उन्होंने कहा कि इस मामले की गहनता जांच की जा रही है. बच्ची के साथ हर हाल में न्याय होगा. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. वहीं, पुलिस संस्थान के सभी कर्मचारियों से पूछताछ करते हुए मामले की जांच कर रही है.

बीते सोमवार को एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय ने दुष्कर्म मामले में संस्थान के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की थी, लेकिन पूछताछ में क्या निकल कर आया, इस पर पुलिस कुछ भी बोलने से बच रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में दुष्कर्म होने की बात तो की गयी है, लेकिन घटना के समय का उल्लेख नहीं है. फिलहाल बच्ची को मोकामा शेल्टर होम भेज दिया गया है.
डीएम रंजीता के अनुसार रूटीन चेकअप के दौरान मेडिकल टीम ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में मौजूद बच्चियों का चेकअप किया था. मेडिकल टीम की जांच व उसमें रहनेवाली एक दिव्यांग बच्ची के बयान के आधार पर एफआइआर दर्ज करायी गयी है. मेडिकल टीम की जांच रिपोर्ट में एक दिव्यांग बच्ची का ओल्ड हाइमनटीयर आया. मेडिकल टीम ने एक्सीडेंटल, सेल्फ इंफेक्टेट व सेक्सुअल की आशंका जतायी थी.
इसके बाद दिव्यांग बच्ची की काउंसेलिंग करायी गयी, जिसमें बच्ची ने अपने साथ गलत होने की बात बतायी थी. उसने एक का नाम बताया था. मेडिकल टीम की रिपोर्ट व बच्ची के बयान पर एफआइआर दर्ज करायी गयी. डीएम का कहना है कि इस मामले की गहनता से जांच करायी जा रही है. इस मामले जो भी दोषी हो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी.
मेडिकल रिपोर्ट से पता चलेगा कि कब हुआ बच्ची के साथ दुष्कर्म
सीवान. शहर के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की मानसिक रूप से दिव्यांग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में पुलिस अभी तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस मामले में पुलिस ने संस्थान के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की है. जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक की ओर से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में भी दुष्कर्म की घटना का समय अंकित नहीं है.
डीएम ने सात नवंबर के एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद अविलंब एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया था. एफआइआर दर्ज होने के बाद सदर अस्पताल की तीन महिला चिकित्सकों के बोर्ड ने बच्ची के दुष्कर्म मामले की मेडिकल जांच की. डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं आयी है. इसके बाद ही दुष्कर्म की घटना की विस्तृत जानकारी हो सकेगी. एफआइआर में बच्ची की उम्र 8 से 10 वर्ष बतायी गयी है.

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