सीवान : जिले के एक प्रतिष्ठित सीबीएसइ मान्यता प्राप्त एक विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्र द्वारा फरवरी तक एकमुश्त फीस नहीं दिये जाने पर प्रधानाचार्य द्वारा छात्र की पिटाई कर दी गयी. रोते बिलखते छात्र घर पहुंचा और अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी.
इसी विद्यालय के कुछ छात्रों के अभिभावकों ने सोशल मीडिया फेसबुक पर डीएम के नाम से विद्यालय के खिलाफ पोस्ट कर दिया. इसमें अभिभावकों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि विद्यालय प्रशासन द्वारा मार्च 2020 तक एकमुश्त फीस मांगा जा रहा है .
ऐसा नहीं करने पर परीक्षा से वंचित करने की धमकी दी जा रही है. घटना के संबंध में छात्र के पिता ने पहले तो नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का मन बनाया, लेकिन छात्र द्वारा जब यह बताया गया कि ऐसा करने पर स्कूल द्वारा उसे 10वीं की बोर्ड परीक्षा से वंचित करने की धमकी दी गयी है.
इसके बाद छात्र के पिता ने प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी. छात्र के पिता ने बताया कि वे सरकारी स्कूल में नियोजित शिक्षक हैं और जुलाई माह से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने बताया कि इसके बावजूद उन्होंने पिछले महीने सात हजार रुपये बकाया जमा किया और प्रधानाचार्य से वेतन मिलने के बाद बच्चे का फीस फरवरी माह तक जमा करने का आश्वासन दिया.
उन्होंने प्रधानाचार्य पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे आश्वासन के बावजूद प्रधानाचार्य द्वारा मेरे पुत्र की पिटाई कर अपमानित किया गया. उन्होंने बताया कि मुझे शंका है कि विद्यालय प्रशासन मेरे बेटे को परीक्षा से वंचित कर उसका भविष्य खराब कर सकता है. इसलिए थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी.
बोले प्राचार्य
स्कूल के प्राचार्य से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दसवीं कक्षा का फॉर्म भरने के लिए नोड्यूज कराना अनिवार्य है. इसके लिए मार्च 2020 तक फीस देना जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को परेशानी है तो वह आवेदन दे. उसकी फीस दो किस्तों में ही जायेगी. छात्र से फीस मांगने की बात को उन्होंने गलत ठहराया.
