खतरे के निशान से 52 सेमी नीचे पहुंचा सरयू का जल स्तर

दरौली/रघुनाथपुर : बरसात के बाद सरयू नदी में आयी उफान तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ी हुई है. नदी में लगतार जलस्तर बढ़ता देख तटवर्ती इलाकों की नींद हराम हो गयी है. नदी में जल स्तर का बढ़ना निरंतर जारी है. इधर बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन द्वारा […]

दरौली/रघुनाथपुर : बरसात के बाद सरयू नदी में आयी उफान तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ी हुई है. नदी में लगतार जलस्तर बढ़ता देख तटवर्ती इलाकों की नींद हराम हो गयी है. नदी में जल स्तर का बढ़ना निरंतर जारी है.

इधर बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन द्वारा मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है. दरौली में सरयू नदी में लगे जलस्तर मापक यंत्र व विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में दरौली में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 52 सेमी कम है. खतरें का निशान निर्धारित 60.82 सेंटीमीटर है.
इधर जिस रफ्तार से नदी में पानी बढ़ रहा है लोगों की चिंता स्वभाविक है. वहीं रघुनाथपुर संवाददाता के अनुसार, लगातार हो रही बारिश व गंडक नदी के उफान से सरयू नदी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है. वहीं नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से भी सरयू नदी में जल स्तर में वृद्धि हो रही है.
नदी के नजदीक गांव पतार, रकौली, बालपर, आदमपुर, राजपुर, मिर्जापुर, सलेमपुर, नरहन, हरपुर, नवादा, बडुआ, कौसड व गभीरार के ग्रामीण परेशान है. उनकी माने तो जिस तरह नदी के उफान 24 घंटों में दो से तीन फिट की वृद्धि हुई है. नरहन पंचायत के मुखिया पति अनिल सिंह ने बताया कि आठ दिन तो बरसात के पानी ने सबको परेशान किया. अब लगता है कि सरयू नदी का जल स्तर लोगों को परेशानी में डालेगा. अगर जल स्तर में वृद्धि नहीं रुकी तो नदी कुछ भी कर सकती है.

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