सीवान : रमजान के दिनों में बाजार में फलों की कीमत आसमान पर है. मौसमी से लेकर बेमौसमी फल बाजार में उपलब्ध है. भारत में मिलनेवाले फलों के अलावा सउदी अरब में उपजनेवाला फल भी बाजार में उपलब्ध है. कीमत बढ़ने के बाद भी रोजेदारों की पहली पसंद पपीता, तरबूज, केला, सेब व खजूर है.
आर्थिक रूप से संपन्न रोजेदार कीमती फलों को भी खरीद कर रोजा तोड़ रहे हैं. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर रोजेदारों में गुलाम सरवर, अहमद अली, छोटे मियां, अब्बास का कहना है कि रमजान शुरू होने से पहले बाजार में फलों की कीमत कम थी.
बाजार में सस्ते दर पर फल उपलब्ध रहने से लोग आसानी से फल खरीद कर खा सकते थे लेकिन रमजान आते ही फलों की दाम आसमान छूने लगा है. फलमंडी में तो दाम कुछ सामान्य भी है लेकिन मेन बाजार, सब्जी मंडी व फुटपाथ पर बिकनेवाले फलों की दाम अन्य बाजार भाव से डेढ़ गुणा है. महंगाई पर आस्था भारी पड़ रहा है.
80 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो फल है : शहर में फलों का बाजार दो प्रकार के है. फलों का थोक मार्केट फलमंडी है तथा खुदरा बाजार है. वैसे शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर फलों के छोटे-छोटे दुकान मिल जाते हैं. फल विक्रेता बांका साह, मनोज, मो. नजरुल इस्लाम, चंदन कुमार ने बताया कि रमजान में विभिन्न प्रकार का फल बाजार में उपलब्ध है.
