सरयू खतरे के निशान से ऊपर, लोगों में दहशत

जल स्तर घटने के बाद एक बार फिर नदी उफान पर शुक्रवार दोपहर तक 57.140 पर जल स्तर रिकॉर्ड किया गया रघुनाथपुर/दरौली : जिले के दक्षिणी क्षेत्र से गुजरने वाली सरयू नदी का जल स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अगर पिछले एक सप्ताह की बात करे तो नदी का जल स्तर […]

जल स्तर घटने के बाद एक बार फिर नदी उफान पर

शुक्रवार दोपहर तक 57.140 पर जल स्तर रिकॉर्ड किया गया
रघुनाथपुर/दरौली : जिले के दक्षिणी क्षेत्र से गुजरने वाली सरयू नदी का जल स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अगर पिछले एक सप्ताह की बात करे तो नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यही नहीं नदी अपने पूरे वेग के साथ बह रही है. कटाव भी बदस्तूर जारी है. वर्तमान में दरौली में खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर नदी का जल स्तर है. विगत 4 से 5 दिनों में नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए तटवर्ती इलाके के लोगों में एक बार फिर से दहशत का माहौल कायम हो गया है. वहीं रघुनाथपुर क्षेत्र में कटाव तो नहीं है पर पानी बढ़ने से दियारा इलाके में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. जबकि वहीं दरौली क्षेत्र में कटाव से सैकड़ों एकड़ खेती योग्य भूमि नदी में विलीन हो गयी. जिससे क्षेत्रीय किसानों के दोनों तरफ से भारी भरकम नुकसान हुआ है.
स्थानीय किसानों का एक तो उस भूमि पर लगा फसल का नुकसान हुआ दूसरा फसल सहित जमीन भी नदी में समाहित हो गयी. जबकि रघुनाथपुर क्षेत्र में नवादा हरपुर के समीप हल का कटाव देखा गया है. वहीं नरहन गांव के लोगों के अनुसार इस बार कटाव इस बार नहीं बल्कि उस पार यानी बलिया जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र में ज्यादा प्रभावित कर रहा है. हलांकि दरौली में बलिया क्षेत्र में कटाव काफी ज्यादा है. जिसको लेकर प्रशासन कटाव रोकने के लिए हरसंभव प्रयास में लगी हुई है.
हर वर्ष दो दर्जन गांव होते हैं प्रभावित
रघुनाथपुर व दरौली क्षेत्र के नदी से सटे तटबंधों के किनारे बसे लगभग दो दर्जन गांव प्रतिवर्ष प्रभावित होते हैं. इन गांवों के लोग प्रतिवर्ष फसल से लेकर जल स्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित होते हैं. इन परिस्थितियों से सर्वप्रथम इन्हीं लोगों को सामना करना पड़ता है. ज्ञात हो कि रघुनाथपुर के गभिरार, कौसर, बडुआ, वैश्य के बारी, नवादा, हरपुर, नरहन, लहलादपुर, मिर्जापुर, सलेमपुर, लच्छीपुर, राजपुर आदमपुर सहित दर्जन भर गांव तो तो दरौली में भी डुमरहर, मैरिटार, केवतलिया, अमरपुर, बरपालिया, नरौली, दरौली, मेल्हानि, टोका नारायणपुर, तियर सहित दर्जन भर गांव के लोग भी प्रतिवर्ष नदी का प्रकोप और बाढ़ जैसी स्थिति झेलने के लिए विवश हैं.
10 से 15 सेमी की रफ्तार से प्रतिदिन बढ़ रहा है सरयू नदी का जल स्तर : सिसवन. सरयू नदी में तेजी से बढ़ रहे जल स्तर को देख बाढ़ नियंत्रण विभाग के होश उड़े हुए है. इधर शुक्रवार के दोपहर तक सरयू नदी का जल स्तर 57.140 पर रिकॉर्ड किया गया है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन सरयू नदी का जल स्तर 10 से 15 सेमी की रफ्तार से बढ रहा है. इधर सरयू नदी में बढ़ रहे पानी से ग्यासपुर के समीप बांध में कटाव को रोकने के लिए बांध में बालू से भरे बोरे को छापे गये थे.
परंतु छापे गये बोरे के निचले सतह को कटाव कर, पानी बोरे के ऊपर से गुजरने लगी. जिससे ग्रामीणों का नींद उड़ गयी है. हालांकि ऊपरी सतह के कटाव को रोकने के लिए अब भी दो हजार से अधिक बोरे में बालू भरकर रखा गया है. इधर सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से दहानदी भी उफान पर है. महानगर, भीखपुर, रामपुर, घुरघाट नन्दामुडा आदि दर्जनों गांवों के चंवरी क्षेत्रों में दहा नदी के पानी तेजी घुस रही है.
सरयू व गंडकी का जल स्तर बढ़ रहा : गुठनी. सरयू में जल स्तर की वृद्धि से छोटी गंडकी भी उफान पर है. गुठनी क्षेत्र के सात नं गोगरा तटबंध के किनारे पानी पहुंच गया है और किसानों के खेतों में उतर रहा है. श्रीकलपुर, लक्ष्मीपुर, गुठनी सरस्वती टोला, योगियाडीह ग्यासपुर, तिरबलुआ गांवों के खेतों में पानी प्रवेश कर गया है. हालांकी मैरिटार गांव के किसानों के खेत अब भी पानी के बिना सुख रहे है और ये किसान प्रतिदिन प्रखंड के अधिकारियों से मिलकर पुलिस फाटक खोलवाने की अपील कर रहे है. पिछले दो दिन में जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है. अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो नुकसानदायी हो सकता है. गुठनी क्षेत्र का तिरबलुआ गांव हमेशा बाढ़ के कारण चर्चा में रहता है. यह गांव हर साल बाढ़ के पानी से घिर जाता है और प्रशासन की चिंताएं बढ़ जाती है. ग्यासपुर में सरयू का बहाव और बढ़ोतरी तेज है. जिससे वहां फसल को नुकसान पहुंच रहा है.
जल स्तर से निचले इलाके के लोगों में दहशत
सरकारी आंकड़ों की मानें तो दरौली में 60.82 सेंटीमीटर पर नदी में खतरे का निशान निर्धारित किया गया है. जबकि वर्तमान समय में दरौली में सरयू का जल स्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर यानी 60.97 सेंटीमीटर पर चल रही है. इसके बाद क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी अब गांव की तरफ रुख कर रहा है. हालांकि जो ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं . वहां अभी कोई परेशानी वाली बात नहीं है, परंतु निचले इलाकों में लोगों की चिंताएं बढ़ाने के लिए यह जल स्तर काफी है .

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