Siwan EOU Raid Excise Inspector: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सिवान के एक्साइज इंस्पेक्ट अंकेश राज गोंड के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार सुबह से EOU की टीम ने उनके पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज किए गए मामले के आधार पर की गई है.
अंकेश राज गोंड ने सरकारी सेवा में आने के बाद अपनी ज्ञात आय से 201.97 प्रतिशत अधिक की संपत्ति अर्जित की है. इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है.
विशेष न्यायालय से वारंट लेकर की गई छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में पटना स्थित विशेष न्यायालय निगरानी से तलाशी वारंट प्राप्त किया था. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षकों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने अंकेश राज गोंड के पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया.
EOU की टीम ने पटना के दानापुर स्थित सुल्तानपुर मोहल्ले में उनके आवास, मुंगेर के चंदनबाग स्थित पैतृक घर, मुंगेर के लल्लूपोखर स्थित व्यवसायिक भवन, सिवान स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय कक्ष और सिवान में उनके किराये के आवास पर छापेमारी की.
अंकेश राज गोंड वर्ष 2005 में सरकारी सेवा में उत्पाद सहायक अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे. वर्तमान में वह एक्साइज इंस्पेक्ट के पद पर कार्यरत हैं. जांच एजेंसी अब उनके सेवाकाल के दौरान अर्जित संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच कर रही है.
तीन जमीन और एक मकान खरीदने की जानकारी
EOU की तलाशी में सामने आया है कि अंकेश राज गोंड ने अपने सेवाकाल में तीन भू-खंड और एक मकान खरीदा है. दानापुर में स्थित एक भू-खंड पर उन्होंने भव्य तीन मंजिला मकान बनवाया है.
यह मकान करीब दो कट्ठा जमीन में बना हुआ है, जिसका निर्माण क्षेत्र लगभग 7500 वर्गफीट बताया गया है. इस भवन की अनुमानित लागत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है. आगे की जांच में भवन निर्माण की वास्तविक कीमत का मूल्यांकन कराया जाएगा.
मुंगेर के व्यवसायिक भवन में 1.40 करोड़ रुपये भुगतान की जांच
EOU के अनुसार, मुंगेर में खरीदे गए व्यवसायिक भू-खंड और मकान के लिए करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. इस संपत्ति के लिए किसी प्रकार का गृह ऋण नहीं लिया गया है.
जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान किस स्रोत से किया गया. एजेंसी के अनुसार यह रकम अधिकारी के पूरे सेवाकाल में मिले वेतन से भी अधिक है.
छापेमारी में कार, बाइक और निवेश के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान अंकेश राज गोंड द्वारा खरीदी गई Innova Crysta कार और चार मोटरसाइकिलों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं. इसके अलावा उनके ससुर के नाम पर खरीदी गई Hyundai i10 कार के कागजात और वाहन भी मिला है. इस वाहन के संबंध में भी आगे जांच की जाएगी.
EOU को म्यूचुअल फंड में निवेश किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं. इसके अलावा आभूषण खरीद से संबंधित इनवॉइस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
बैंक खाते और PPF में मिले 54 लाख रुपये
जांच के दौरान अंकेश राज गोंड और उनके परिवार के नाम पर अलग-अलग बैंकों में कुल आठ खाते मिले हैं. इन खातों और PPF में करीब 54 लाख रुपये जमा पाए गए हैं.
EOU ने इन खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके अलावा एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसकी जांच अभी बाकी है.
बीमा पॉलिसियों में हर साल 3 लाख रुपये प्रीमियम
तलाशी के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और अन्य बीमा कंपनियों में निवेश से जुड़े पांच पॉलिसियों के दस्तावेज मिले हैं. इन पॉलिसियों में हर साल करीब 3 लाख रुपये का प्रीमियम जमा किया जाता है. EOU इन सभी निवेशों और भुगतान के स्रोतों की जांच कर रही है.
जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि अंकेश राज गोंड अपने बच्चों की शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं. उनके तीनों बच्चे पटना के DPS स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. इस संबंध में भी आगे की जानकारी जुटाई जा रही है.
रिश्तेदार के नाम वाहन लेकर उत्पाद विभाग में लगाया
EOU जांच में यह भी सामने आया है कि अंकेश राज गोंड ने अपने रिश्तेदार के नाम पर Mahindra Scorpio वाहन संख्या BR-01KD-5593 खरीदा था. इस वाहन को उत्पाद विभाग में अनुबंध पर लगाया गया था.
जांच एजेंसी के अनुसार इस वाहन का इस्तेमाल खुद अंकेश राज गोंड कर रहे थे. तलाशी के दौरान यह वाहन मुंगेर स्थित उनके आवास पर खड़ा मिला.
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मुंगेर के मकान में चल रहा था रेनोवेशन का काम
मुंगेर स्थित व्यवसायिक मकान में रेनोवेशन का काम कराया जा रहा था. EOU अब इस काम में खर्च की गई राशि का मूल्यांकन कराएगी. जांच एजेंसी ने बताया कि बरामद और जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है. अभी तक की तलाशी में आय से अधिक संपत्ति में और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है.
विभागों को भेजी जाएगी कार्रवाई की जानकारी
आर्थिक अपराध इकाई ने अंकेश राज गोंड के खिलाफ दर्ज मामले और लोक सेवक के रूप में कर्तव्य में विचलन से जुड़ी जानकारी उनके पैतृक उत्पाद विभाग और निबंधन विभाग, बिहार पटना को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मामले में आगे की जांच जारी है.
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