सीतामढ़ी. बारिश न होने से धान के पौधों के नुकसान होने की चिंता में डूबे किसानों को रविवार की देर रात उस वक्त थोड़ी राहत मिली, जब आसमान में अचानक बादलों का जमघट हुआ और देखते ही देखते ही शहर व डुमरा समेत जिले के विभिन्न इलाकों में कुछ देर कहीं झमाझम बारिश हुई, तो कहीं आंशिक बारिश हुई. वहीं, रात भर आसमान में बादलों का जमावड़ा लगा रहा और सोमवार की सुबह अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग समय पर एक बार फिर से गरज के साथ कुछ देर तक बादल बरसे. इससे किसान काफी खुश दिखे. किसान प्रमोद सिंह, सुधीर कुमार, मनोज कुमार व अमरेश यादव ने बताया कि इस वर्ष बारिश न के बराबर हुई है. इससे तमाम नहर सूखे हुए हैं. बारिश नहीं होने के कारण वॉटर लेवल जमीन के काफी अंदर चला गया है, जिससे हजारों की संख्या में चापाकल सूख गये हैं. ऐसे में धान के पौधों का सूखना लाजिमी है. आर्थिक रूप से मजबूत किसान धान के पौधों को बचाने के लिये किसी तरह पंपसेट व मोटर आदि से प्रत्येक दो-तीन दिन के अंतराल पर सिंचाई करवा रहे हैं. जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वे दो-तीन दिन के अंतराल पर सिंचाई करवाने में असमर्थ हैं. ऐसे किसानों के धान के पौधों को काफी नुकसान हो रहा था. इस बारिश से धान के पौधों को काफी फायदा मिलेगा. जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ राम इश्वर प्रसाद ने बताया कि अगले तीन-चार दिन तक जिले में प्रतिदिन दो से तीन एमएम बारिश होने का अनुमान है. मंगलवार व बुधवार को दिन में करीब दो घंटे ही धूप के खिलने और बांकी समय आसमान में बादल छाये रहने एवं बीच-बीच में बारिश होने का अनुमान है. बताया कि मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को ठीक-ठाक बारिश होने यानी करीब पांच से दस एमएम बारिश होने का अनुमान जताया गया है.
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