भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पापों का होता है नाश : गायत्री तिवारी

धाम मंदिर में वहां की महंत कैलाशी देवी के सानिध्य में अयोध्या से आयी हुईं कथा वाचिका गायत्री तिवारी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा सुनायी जा रही है.

सीतामढ़ी. पितृ पक्ष के शुभ अवसर पर शहर से सटे कैलाशी नगर, शांतिवन, खैरवी स्थित श्री विराट स्वरूप चार धाम मंदिर में वहां की महंत कैलाशी देवी के सानिध्य में अयोध्या से आयी हुईं कथा वाचिका गायत्री तिवारी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा सुनायी जा रही है. सोमवार को उन्होंने कहा कि भक्त भक्ति और वैराग्य को बढ़ाकर परम तत्व इश्वर की प्राप्ति कर सकता है. भागवत का अर्थ उन्होंने बताया कि भ: का अर्थ भक्ति भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण होना. ज्ञान का अर्थ आत्मा, ब्रह्म और इश्वर के स्वरूप का ज्ञान होना, वैराग्य का अर्थ भौतिक वस्तुओं और इच्छाओं में आसक्त नहीं होना तथा तत्व का अर्थ परम तत्व के द्वारा परमेश्वर की प्राप्ति होना है. भागवत ज्ञान के द्वारा भक्त भगवान के प्रति आकर्षित होते हैं और उनके प्रेम में लीन हो जाते हैं. भागवत की कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. कथा दोपहर 2:00 से संध्या 5:00 बजे तक सुनायी जा रही है. सोमवार की कथा के दौरान रामदयाल पटेल, गणेश राय, सुरेंद्र प्रसाद, चंदेश्वर पटेल ,संतोष कुमार, रामवृक्ष ठाकुर, रमाकांत ठाकुर, सोगरथ दास, कमोद राय, जलेश्वर प्रसाद व संत भूषण दास समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VINAY PANDEY

VINAY PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >