— खुलासा होने पर सीएस ने बीसीएम को किया गया निलंबित
सीतामढ़ी
. सिविल सर्जन(सीएस) डॉ अखिलेश कुमार को कोई पता ही नहीं और पांच आशा चयनित कर ली गयी. हद तो यह कि अधिकारी की बिना अनुमति व अनुमोदन के पांच चयनित आशा कार्यकर्ताओं को चयन-पत्र भी निर्गत कर दिया गया. इसका खुलासा होने के बाद सिविल सर्जन ने बीसीएम को निलंबित कर दिया है. बताया गया है कि 23 जुलाई को डीएम रिची पांडेय ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की थी. इसी दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाजपट्टी प्रखंड की बीसीएम जयंती कुमारी ने कहा था कि पांच आशा का चयन किया गया है, जिसकी मूलप्रति डीएचएस को उपलब्ध करा दी गयी है. बैठक के बाद सीएस ने बीसीएम की उक्त बातों का भौतिक सत्यापन करता, तो पाया कि आशा के चयन संबंधी मूल प्रति कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया गया है. बीसीएम द्वारा 25 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 2:25 बजे चार आशा का चयन पत्र ई मेल किया गया. यह चयन पत्र देख सीएस आवाक रह गए थे. दरअसल, सीएस के बगैर अनुमोदन एवं मूल दस्तावेज की जांच के बिना चयन-पत्र निर्गत कर दिया गया. इसे सीएस ने घोर अनियमितता माना था और बीसीएम से स्पष्टीकरण पूछा था, जिसका जबाव नहीं दी थी. सीएस ने बीसीएम जयंती कुमारी को निलंबित कर दिया है. उनका मुख्यालय सीएचसी, परसौनी तय किया गया है. निलंबन अवधि में उनके किसी प्रकार का वित्तीय कार्यों एवं आशा चयन कार्य के निष्पादन पर रोक लगा दिया गया है. उन्हें सिर्फ भौतिक कार्य करने व कार्यों का दैनिक प्रतिवेदन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इधर, डुमरा के बीसीएम सुजीत कुमार को सप्ताह में तीन दिन सीएचसी, बाजपट्टी में कार्य करने को कहा गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
