सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद हैरान और शर्मसार करने वाली तस्वीर सीतामढ़ी सदर अस्पताल से सामने आई है. अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के दौरान जब मरीज को चढ़ाने के लिए ट्रिप स्टैंड (स्लाइन लटकाने वाला स्टैंड) नहीं मिला, तो वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड को ही मजबूरी में “मेडिकल उपकरण” बनना पड़ गया. इस पूरी घटना का वीडियो और तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रभात खबर वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
पेट दर्द से तड़पते मरीज को मिली ऐसी ‘मदद’
जानकारी के अनुसार, डुमरा थाना क्षेत्र के अमघट्टा निवासी शंभू पासवान को बुधवार रात अचानक पेट में तेज दर्द हुआ. परिजन उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत स्लाइन (पानी) चढ़ाने की सलाह दी. हैरानी की बात यह रही कि इमरजेंसी में मरीज के लिए एक अदद ट्रिप स्टैंड तक नसीब नहीं हुआ. अस्पताल की इस लापरवाही के बीच, वहां ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने इंसानियत दिखाई और खुद स्लाइन की बोतल हाथ में पकड़कर मरीज के पास खड़ा हो गया.
परिजनों ने अस्पताल कर्मी पर लगाया गंभीर आरोप
काफी देर तक सुरक्षा गार्ड दर्द से तड़पते मरीज के सिरहाने बोतल थामे खड़ा रहा, जिसके बाद मरीज को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया. मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि जब हमने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से स्टैंड मांगा, तो उन्होंने स्टैंड देने के बजाय साफ कह दिया कि खुद ही स्लाइन की बोतल पकड़ो और मरीज को लेकर वार्ड में चले जाओ. अगर गार्ड मदद नहीं करता तो हमें ही बोतल पकड़नी पड़ती.
“सिर्फ शिफ्ट कराने में मदद कर रहा था गार्ड”
तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन डैमेज कंट्रोल में जुट गया है. मामले पर सफाई देते हुए अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में ट्रिप स्टैंड की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है. उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा गार्ड केवल मरीज को इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट कराने में मदद कर रहा था.
