सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज और रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sitamarhi News: रिशु श्री टेंडर आवंटन मामले की जांच अब सीतामढ़ी नगर निगम तक पहुंच गई है. विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने नगर निगम के पूर्व प्रभारी आयुक्त मुमुक्षु कुमार चौधरी के कार्यकाल से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों की मांग की है. जांच एजेंसी टेंडर प्रक्रिया, खरीदारी और ठेके आवंटन से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है. इस कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन में हलचल बढ़ गई है और पुराने रिकॉर्ड खंगालने का काम तेज कर दिया गया है.
टेंडर आवंटन और खरीद प्रक्रियाओं पर जांच
सूत्रों के अनुसार एसवीयू उन टेंडरों की जांच कर रही है, जो मुमुक्षु कुमार चौधरी के कार्यकाल के दौरान स्वीकृत हुए थे. जांच का फोकस इस बात पर है कि कहीं निविदा प्रक्रिया में अनियमितता, दरों में हेरफेर या नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई. कई विकास योजनाओं और उपकरणों की खरीद से संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है.
डस्टबिन और मशीनरी खरीद भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी विशेष रूप से डस्टबिन, पंपसेट, मशीनरी और अन्य उपकरणों की खरीद पर नजर रखे हुए है. आरोप है कि इन मदों में करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे. अब यह देखा जा रहा है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी या नहीं और सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं.
दस्तावेज जुटाने में लगा नगर निगम
विजिलेंस की ओर से दस्तावेज मांगे जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने संबंधित फाइलों को तैयार करना शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पूर्व प्रभारी आयुक्त के कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड संकलित किए जा रहे हैं, ताकि जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जा सके.
एक साल से अधिक रहा कार्यकाल
जानकारी के मुताबिक मुमुक्षु कुमार चौधरी करीब 12 से 13 महीने तक नगर निगम के प्रभारी आयुक्त रहे थे. इसी दौरान लिए गए प्रशासनिक और वित्तीय फैसले अब जांच के दायरे में हैं. मामले में आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
