सीतामढ़ी से अमरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीतामढ़ी जिले में राशन कार्डों के अवैध लाभ को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. वैसी महिलाएं जिनकी शादियां नेपाल में हो चुकी हैं और उन्होंने भारतीय नागरिकता त्यागने के लिए आवेदन दिया है, उनका नाम अब राशन कार्ड से हटाया जाएगा. साथ ही, वैसी नेपाली महिलाएं जो भारतीय क्षेत्र में ब्याही गई हैं लेकिन अब तक भारतीय नागरिकता हासिल नहीं कर सकी हैं, उनके नाम भी विलोपित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है.
400 महिलाओं की सूची एमओ को भेजी गई
जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले के सभी एसडीओ, एडीएसओ और एमओ को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. खबर है कि करीब 400 महिलाओं की सूची तैयार की गई है, जिन्हें वर्तमान में अवैध रूप से आपूर्ति का लाभ मिल रहा है. जिला सामान्य प्रशाखा से प्राप्त सूची को प्रखंडों में भेजकर जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा गया है.
नागरिकता त्यागने के लिए दिया आवेदन
जांच में यह बात सामने आई है कि जिले की बड़ी संख्या में वैसी महिलाओं ने भारतीय नागरिकता परित्याग करने के लिए आवेदन दिया है, जो नेपाल में बस चुकी हैं. इनमें बेला, सुरसंड, परिहार, चोरौत, मेजरगंज और बैरगनियां जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हैं. प्रशासन का मानना है कि नागरिकता छोड़ने के बाद वे भारतीय राशन कार्ड की हकदार नहीं रह जाती हैं.
राशन कार्ड में पारदर्शिता की कवायद
डीएसओ के अनुसार, इस कदम से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंदों को ही अनाज मिल सकेगा. फिलहाल आपूर्ति कार्यालय उन सभी नामों की बारीकी से जांच कर रहा है जिनके नेपाल से वैवाहिक संबंध जुड़े हैं. दोषी पाए जाने पर संबंधित राशन कार्डों से उनके नाम तुरंत हटा दिए जाएंगे.
