सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी में मानसून से पहले लखनदेई नदी के तटबंध में हुए बड़े टूटान ने आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है. खाप-खोपराहा और छोटी भारसर इलाके में संभावित बाढ़ खतरे को देखते हुए लखनदेई बचाओ संघर्ष समिति की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. समिति ने टूटान की तस्वीरें और पूरी जानकारी डीएम व जिले के प्रभारी सचिव राजीव रौशन को भेजते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है.
कई जगहों पर तटबंध टूटा
समिति के सदस्यों ने बताया कि खाप पुल के दक्षिण दिशा में करीब 35 फीट के दो बड़े टूटान हैं, जबकि उत्तर दिशा में भी लगभग 25 फीट का कटाव हुआ है. वहीं खोपराहा बॉर्डर रोड के पास दोनों तटबंधों में करीब 50 फीट तक टूटान होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बारिश के दौरान कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
डीएम और प्रभारी सचिव को भेजी रिपोर्ट
संघर्ष समिति के सदस्य रामशरण अग्रवाल, डॉ आनंद किशोर, राम शंकर शास्त्री, जय किशोर साह ललित, विनोद कापड़ और रामबाबू साह ने प्रशासन को वाट्सएप के जरिए पूरी स्थिति से अवगत कराया. समिति ने मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी टूटान स्थलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए.
नदी की सफाई और गंदे पानी पर रोक की मांग
समिति ने कहा कि शहर से पहले लखनदेई नदी का पानी साफ रहता है, लेकिन शहरी क्षेत्र में गंदे नालों और टैंकों का पानी सीधे नदी में छोड़े जाने से हालात खराब हो रहे हैं. सदस्यों ने मांग की कि नदी की गहन सफाई कर पानी का निर्बाध बहाव सुनिश्चित किया जाए और बड़े नालों के पानी के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं.
पोखरा निर्माण से जल संरक्षण पर जोर
समिति ने भूगर्भ जल स्तर सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नदी किनारे पोखरा निर्माण की मांग भी उठाई. इसके लिए सोनबरसा, बथनाहा, रीगा, डुमरा और रून्नीसैदपुर अंचल की सरकारी जमीन चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार करने की मांग प्रशासन से की गई है.
