Sitamarhi News: शहर की जीवनरेखा और आस्था का केंद्र मानी जाने वाली लखनदेई नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. रविवार को जिलाधिकारी रिची पाण्डेय के नेतृत्व में नदी की साफ-सफाई के लिए एक विशाल विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान में विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रमदान किया.
नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाने की कोशिश
लंबे समय से उपेक्षा, प्रदूषण और अवैध अतिक्रमण के कारण लखनदेई नदी की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी थी. नदी का प्रवाह रुकने और कचरे के अंबार ने इसके अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया था. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने न सिर्फ सफाई कार्य शुरू किया, बल्कि लोगों को भावनात्मक रूप से नदी से जोड़ने की पहल की है. डीएम ने खुद नदी किनारे जमा कचरे को हटाने में हाथ बंटाया और स्वच्छता का संकल्प दिलाया.
धार्मिक आस्था और पर्यावरण का संगम
अभियान के दौरान जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने कहा कि लखनदेई नदी सीतामढ़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है. इसे स्वच्छ रखना केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने चेतावनी दी कि नदी में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने नदी तट पर रहने वाले लोगों से कूड़ा-कचरा सीधे जलधारा में न फेंकने की अपील की.
सौंदर्यीकरण और स्थायी प्रबंधन की मांग
मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नदी की दुर्दशा पर चिंता जाहिर करते हुए इसके स्थायी सौंदर्यीकरण की मांग उठाई. विशेषज्ञों का सुझाव है कि नगर निगम को नियमित सफाई के साथ-साथ सीवेज ट्रीटमेंट और अतिक्रमण हटाने के लिए एक ठोस योजना बनानी चाहिए. यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य हुआ तो यह नदी पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकती है. इस अभियान ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयास से लखनदेई की पुरानी गरिमा वापस लौट सकती है.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
