सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi News: भारत-नेपाल सीमा पर यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. नेपाल सरकार ने भिट्ठामोर-जलेश्वर बॉर्डर पर नई डिजिटल भंसार (कस्टम) व्यवस्था लागू कर दी है. अब यात्रियों को कस्टम क्लीयरेंस के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी. यात्री केवल क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर और ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी कस्टम प्रक्रिया को बेहद आसानी से पूरा कर सकेंगे. जलेश्वर भंसार चीफ राजेंद्र बैसनेत ने बताया कि इस आधुनिक प्रणाली से आवागमन में पारदर्शिता आएगी और समय की भारी बचत होगी.
घर बैठे भर सकेंगे ऑनलाइन फॉर्म, बॉर्डर पर जगह-जगह लगे पोस्टर
इस नई डिजिटल तकनीक के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सीमा क्षेत्र और नेपाल भंसार कार्यालय के साथ-साथ भारत स्थित भिट्ठामोड़ कस्टम कार्यालय में भी स्कैनर वाले पोस्टर लगाए गए हैं. इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि भारतीय पर्यटक सीमा पार करने से पहले अपने घर या रास्ते में कहीं से भी ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. इससे बॉर्डर पर पहुंचने के बाद होने वाली कागजी औपचारिकताओं और समय की बर्बादी से मुक्ति मिलेगी.
करेंसी एक्सचेंज का झंझट खत्म, कर्मचारियों को मदद के निर्देश
नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों को भंसार शुल्क चुकाते समय अक्सर भारतीय और नेपाली रुपयों के एक्सचेंज को लेकर परेशानी होती थी. डिजिटल भुगतान की इस व्यवस्था से करेंसी बदलने का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा. भंसार चीफ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो. यदि किसी यात्री को मोबाइल स्कैनिंग या फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो कस्टम कर्मचारी खुद आगे बढ़कर उनकी मदद करेंगे.
बिहार से सटे अन्य बॉर्डर पर भी जल्द शुरू होगी सुविधा
यह ई-भंसार सुविधा फिलहाल भिट्ठामोड़-जलेश्वर के अलावा रक्सौल-वीरगंज, जयनगर-इनरवा, सुनौली और रूपईडीहा जैसे प्रमुख बॉर्डर्स पर शुरू की गई है. सीमाई क्षेत्र के अन्य प्रमुख रास्तों जैसे बैरगनिया-गौर और सोनबरसा-मलंगवा बॉर्डर पर भी इसे जल्द ही लागू किया जाएगा.
