सीतामढ़ी न्यूज: नेपाल सीमा से अवैध तरीके से विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश कराने के मामले में न्यायालय ने दोषी को सजा सुनायी है. पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्य और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद सीतामढ़ी न्यायालय ने सोनबरसा थाना कांड संख्या 293/23 में आरोपित नासीर बुराई अब्बास को दोषी करार दिया. कोर्ट ने उसे 2 वर्ष 10 माह 22 दिन के कारावास की सजा सुनाने के साथ दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.
जुर्माना नहीं देने पर 7 दिन की अतिरिक्त सजा
न्यायालय ने दोषी पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर उसे सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीमती अंशु कुमारी ने प्रभावी पैरवी की.
यह मामला सोनबरसा थाना कांड संख्या 293/23 से संबंधित है. इसमें आरोपित के खिलाफ विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की गयी थी.
अवैध तरीके से भारत में घुस रहा था सूडानी नागरिक
मामले के अनुसार, नेपाल सीमा से एक सूडानी नागरिक अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 51वीं बटालियन के जवानों ने उसे सीमा क्षेत्र से पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान उसके पास भारत में प्रवेश से संबंधित वैध वीजा या अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं मिले. उसके पास से सूडानी पासपोर्ट, अमेरिका का ट्रैवल डॉक्यूमेंट और मोबाइल फोन बरामद किया गया था.
जांच में सामने आयी अवैध प्रवेश कराने में मदद की बात
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नासीर बुराई अब्बास ने विदेशी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने में मदद की थी. इसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गयी.
पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गयी, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपित को दोषी मानते हुए सजा सुनायी.
सीमा पर अवैध गतिविधियों पर पुलिस की नजर
सीतामढ़ी पुलिस ने कहा है कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और अवैध घुसपैठ के मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
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