सीतामढ़ी से रौशन कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा एग्रीस्टैक प्रोजेक्ट के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में चलाया जा रहा है. जिले में अबतक करीब 1.85 लाख किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री करा ली है.
राशन कार्ड कटने की बात पूरी तरह अफवाह
डीएओ शांतनु कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनाने से जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस में नाम कटने की बात पूरी तरह निराधार है.
उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री केवल कृषि योजनाओं के लाभ के लिए मान्य है और इसका राशन कार्ड या अन्य सरकारी सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
डीएओ ने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जल्द से जल्द अपना फार्मर रजिस्ट्री कराएं.
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को होंगे कई लाभ
कृषि विभाग के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जाएगा.
इसके तहत सब्सिडी, फसल बीमा, उर्वरक, कृषि यंत्र, अधिप्राप्ति और अन्य कृषि योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता आएगी. साथ ही कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और बेहतर नीति निर्धारण में भी मदद मिलेगी.
कई माध्यमों से हो रहा रजिस्ट्रेशन
किसान एग्रीस्टैक पोर्टल पर स्वयं फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं. इसके अलावा किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, एटीएम, बीटीएम, राजस्व कर्मचारी और सीएससी सेंटर के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है.
रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमीन होना आवश्यक है.
30 जून तक पूरा होगा अभियान
जिला प्रशासन ने 30 जून तक सभी जमाबंदीधारी किसानों का ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए डीएम स्तर से नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है.
प्रखंडवार रजिस्ट्रेशन में बैरगनिया आगे
जिले के विभिन्न प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है. बैरगनिया में 4572 किसानों में से 4522 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है. वहीं बथनाहा, परिहार, रुन्नीसैदपुर और सोनबरसा में भी बड़ी संख्या में किसान रजिस्ट्री करा चुके हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
“फार्मर आईडी बनाने से पीडीएस या राशन कार्ड पर कोई असर नहीं पड़ेगा. किसान किसी भी भ्रांति में न रहें और शीघ्र अपना फार्मर रजिस्ट्री कराएं.”
— शांतनु कुमार
