हार्ट अटैक के मरीजों के लिए देवदूत साबित हो रहे संजय

आज के दौर में जहां भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

सीतामढ़ी. आज के दौर में जहां भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सुप्पी प्रखंड के नरकटिया गांव निवासी संजय कुमार (52) पिता विद्या सिंह देवदूत न सिर्फ हार्ट अटैक के मरीजों को बचा रहे हैं. संजय, निःशुल्क और निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा भी कर रहे हैं. संजय, सुप्पी एवं रीगा सहित अगल बगल के गांव में जाकर लोगों को हार्ट अटैक के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करते हैं. इसके अलावा, जब भी किसी को हार्ट अटैक आता है, तो ये तुरंत मौके पर पहुंचकर मरीज को प्राथमिक उपचार (सीपीआर) एवं निःशुल्क निर्धारित दवा देकर और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाते हैं. पिछले एक वर्ष में 14 से 60 वर्ष के हार्ट अटैक के 16 मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया हैं. संजय ने 1992 में आर्ट्स से ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त की. बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयक और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया. वहीं 20 वर्षों से सीतामढ़ी रेड क्रॉस एवं राज्य रेड क्रॉस के प्रशिक्षित वोलेंटियर के रूप में सेवा दे रहे हैं. सीतामढ़ी के पूर्व पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी द्वारा सम्मानित है. साथ ही कोरोना काल में निःशुल्क योगदान देने के लिए जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मान पत्र भी प्राप्त कर चुके हैं. –हार्ट अटैक को लेकर लोगों को जागरूक करना है जीवन का लक्ष्य

संजय ने बताया कि हृदय के धमनियों में खून का प्रवाह नहीं होने से हार्ट अटैक होता हैं. अगर मरीज को तुरंत सीपीआर दिया जाए तो खून का प्रवाह शुरू हो सकता है, जिससे मरीज सांस लेने में सक्षम हो जाता हैं. वहीं मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता हैं, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच सकती है. बताया कि स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को लेकर जागरूकता फैलाना ही इनके जीवन का लक्ष्य हैं. स्वयं के खर्च पर स्कूल, कॉलेज, ऑफिस व गांव-गांव घूमकर सीपीआर का प्रशिक्षण और इससे होने वाले लाभ की जानकारी देते हैं.

–पीठ पर लटका होता हैं ””””””””मे आई हेल्प यू”””””””” का बैग

संजय पीठ पर ””””””””मे आई हेल्प यू”””””””” का बैग लटकाकर सुप्पी ब्लॉक से नरहा, रीगा, सीतामढ़ी पथ पर घूमते हैं. इस दौरान पिछले एक वर्ष में सड़क किनारे तड़प रहे 16 लोगों के लिए देवदूत की तरह प्रकट होकर उनकी जान बचायी. उदाहरण स्वरूप सुप्पी स्थित हरपुर से बाइक से विमलेश बथनाहा जा रहा था, इसी दौरान बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने उसे दिल का दौरा आ गया, विमलेश तड़प रहा था तभी रास्ते से गुजर रहे संजय कि उसे पर नज़र पड़ी. उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. संजय ने तत्काल सीपीआर दिया, पीड़ित को राहत मिली और अस्पताल पहुंचाया. इसी तरह पिछले सप्ताह सुप्पी रीगा पथ पर ई रिक्शा में यात्रा करते युवक को हार्ट अटैक आने पर तुरंत सीपीआर देकर सांस लौटाया. सुप्पी थाने को कॉल कर पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया. इनके प्रयासों से न सिर्फ हार्ट अटैक के मरीजों को मदद मिल रही है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जा रहा है.

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Author: VINAY PANDEY

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