Sitamarhi News: शिक्षा को रोचक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गंगवारा हरिजन टोला में एक अनोखी पहल देखने को मिली. विद्यालय की शिक्षिका अंजू कुमारी के मार्गदर्शन में बच्चों और उनकी माताओं ने स्थानीय मिट्टी से फोक टीएलएम (Teaching Learning Material) तैयार किए.
इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, सीखने की रुचि और व्यावहारिक समझ विकसित करना था.
माताओं की भागीदारी से बनी सीखने की नई मिसाल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनकी माताओं ने मिलकर स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्री तैयार की.
शून्य लागत पर तैयार किए गए इन फोक टीएलएम ने विद्यालय और समुदाय के बीच सहभागिता को भी मजबूत करने का संदेश दिया.
अभिभावकों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में शामिल महिला अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों की पढ़ाई को अधिक रोचक, प्रभावी और व्यवहारिक बनाती हैं.
उनका मानना है कि जब माता-पिता भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं तो घर में भी पढ़ाई का सकारात्मक माहौल तैयार होता है.
प्रशिक्षण से मिली प्रेरणा, स्कूल में किया लागू
शिक्षिका अंजू कुमारी ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के दौरान उन्होंने मध्य विद्यालय मलहाटोल की नवाचारी शिक्षिका प्रियंका कुमारी से उनके आवास पर फोक टीएलएम और "निपुण अभिभावक–निपुण बच्चे" पहल का प्रशिक्षण लिया था.
उसी नवाचार को विद्यालय स्तर पर लागू करते हुए इस गतिविधि का आयोजन किया गया.
विद्यालय और समुदाय के बीच बना मजबूत सेतु
अंजू कुमारी ने कहा कि फोक टीएलएम केवल शिक्षण सामग्री नहीं, बल्कि विद्यालय और समुदाय के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है.
उन्होंने कहा कि जब माताएं स्वयं विद्यालय आकर बच्चों के साथ शिक्षण सामग्री तैयार करती हैं, तो बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है. इस पहल को विद्यालय में शिक्षा के साथ सामुदायिक भागीदारी का सफल उदाहरण माना जा रहा है.
